Wed 25 05 2022
Home / Breaking News / शिक्षा से निकलता है महिला सशक्तिकरण का मार्ग-प्रधान न्यायाधीश
शिक्षा से निकलता है महिला सशक्तिकरण का मार्ग-प्रधान न्यायाधीश

शिक्षा से निकलता है महिला सशक्तिकरण का मार्ग-प्रधान न्यायाधीश

सिविल जज के लिए चयनित हुईं बेटियों का किया सम्मान, अभिभाषक संघ का ईद मिलन समारोह संपन्न
फोटो-04एसजेआर04- सिविल जज बनी बेटियों का न्यायाधीश एवं अभिभाषकों ने सम्मान किया।
शाजापुर। जिला अभिभाषक संघ कार्यालय पर ईद मिलन समारोह आयोजित किया गया। इस मौके पर ईद की शुभकामनाएं देने के साथ ही स्थानांतरित होकर आए न्यायाधीशों का स्वागत समारोह एवं शाजापुर से सिविल जज में चयनित हुईं दो बेटियों का सम्मान किया गया। बुधवार को जिला प्रधान न्यायाधीश सुरेंद्रकुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता एवं अभिभाषक संघ अध्यक्ष कमल किशोर श्रीवास्तव के मुख्य आतिथ्य में आयोजित कार्यक्रम में नवागत न्यायाधीशों का पुष्पमाला पहनाकर स्वागत-सम्मान किया गया। इसके पश्चात अभिभाषक एजाजउद्दीन की पुत्री रूही मेव एवं अजबसिंह परमार की पुत्री हर्षा परमार को सिविल जज बनने पर सम्मानित किया गया। इस दौरान प्रधान न्यायाधीश श्रीवास्तव ने कहा कि बेटियां सशक्त होकर बेटों के साथ कांधे से कांधा मिलाकर आगे बढ़ रही हैं। उन्होने कहा कि यदि लक्ष्य को निर्र्धारित कर उसे पाने के लिए प्रयास किए जाएं तो उसमें सफलता अवश्य मिलती है। न्यायाधीश ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का रास्ता शिक्षा से निकलता है, ऐसे में महिलाओं को अधिक से अधिक गुणात्मक एवं रोजगारपरक शिक्षा हासिल कर समाज में अपना मनचाहा मुकाम हासिल करना चाहिए। उन्होने बेटियों को शिक्षित कर उन्हे सशक्त बनाने की बात कही। कार्यक्रम को एजाजुद्दीन मेव, अजबसिंह परमार, इकरामउद्दीन गौरी, नरेंद्र तिवारी, मदनसिंह चौहान ने भी संबोधित किया। स्वागत भाषण अभिभाषक इंदरएस गामी ने दिया। इस अवसर पर अभिभाषक विवेक शर्मा, कमल पाटीदार, जावेद पठान, प्रहलादसिंह, कृष्णकांत कराड़ा, नदीम मेव, आमीन खान, विजय मंडलोई, इरफान खान, सुनील परमार, नफीस खान आदि उपस्थित थे। संचालन संघ के कोषाध्यक्ष प्रशांत चौहान ने किया तथा आभार अभिभाषक सईद पठान ने माना।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*