Wed 25 05 2022
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नशा ही नाश का कारण और समाज के लिए अभिषाप है- न्यायाधीश देवड़ा

नशा ही नाश का कारण और समाज के लिए अभिषाप है- न्यायाधीश देवड़ा

शाजापुर। विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला सत्र न्यायाधीश सुरेन्द्रकुमार श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में 02 अक्टूंबर से 14 नवंबर 2021 तक चलाए जा रहे भारत की आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत प्रतिदिन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में रविवार को ग्राम गोपीपुर में विधिक साक्षरता-जन जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिविरार्थियों को न्यायाधीश श्रीमती शर्मिला बिलवार द्वारा कानूनी अधिकार एवं नशामुक्ति के संबंध में जागरूक किया गया। इसके साथ ही न्यायाधीश सुश्री रूपम तोमर द्वारा अपने वक्तव्य में नशा के दुष्प्रभावों को बताते हुए नशे की लत से दूर रहने के सुझाव दिए गए। साथ ही किस प्रकार नशा जैसी बुराई समाज में अपने पैर पसार रही है इसकी जानकारी दी गई। वहीं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं न्यायाधीश राजेन्द्र देवड़ा ने जन सामान्य को नालसा योजना, मानसिक रूप से बीमार एवं मानसिक रूप से कमजोर व्यक्ति के बारे में विस्तार से समझाते हुए बताया कि नशा किस प्रकार एक दीमक की तरह समाज को खोखला कर रहा है। उन्होने कहा कि नशा न सिर्फ नशा करने वाले व्यक्ति को बल्कि उसके संपर्क में आने वाले सभी व्यक्तियों को प्रभावित करता है। नशे के कारण कई परिवार संकट से जुझ रहे हैं। शिविर में ग्रामीणों को संकल्प दिलाया गया कि वे आज के बाद कभी नशा नहीं करेंगे। न्यायाधीश देवड़ा ने कहा कि नशा ही नाश का कारण है और यह समाज के लिए अभिषाप है। इस दौरान न्यायाधीश ने वैकल्पिक विवाद समाधान केन्द्र द्वारा अपने मामलों का किस प्रकार आपसी समझौते के आधार पर निराकरण करवाया जा सकता है इसके बारे में समझाया और नेशनल लोक अदालत की जानकारी दी। इस अवसर पर सरपंच रामसिंह गुर्जर, ग्राम पंचायत सचिव बाबूलाल गुर्जर आदि उपस्थित थे।

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