Wed 29 06 2022
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हितग्राही के खाते से योजना की राशि निकालने का नया तरीका इजाद

हितग्राही के खाते से योजना की राशि निकालने का नया तरीका इजाद

स्वयं को अधिकारी बताकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से मातृ वंदना योजना के हितग्राही की जानकारी मांग रहे ठग
शाजापुर। मोबाइल फोन पर लालच देकर ठगी करने वाले कारिंदों ने अब लोगों के बैंक खाते से रुपया निकालने का नया तरीका इजाद कर लिया है। यही कारण है कि ठग शासन की महत्वपूर्ण मातृ वंदना और पोषण टैकर योजना को आधार बनाकर हितग्राही को भ्रमित कर उसके बैंक खाते से योजना की राशि निकालने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि गतवर्ष इसी तरह हितग्राही के खाते से रुपया गायब हो जाने से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सतर्क हो गईं हैं और उन्होने ठगों के मनसूबों पर पानी फैर दिया, लेकिन इसके बावजूद जिलेभर की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के फोन पर ठगों के द्वारा स्वयं को महिला बाल विकास विभाग भोपाल का अधिकारी बताकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को फोन किए जा रहे हैं। शुक्रवार को शाजापुर के वार्ड क्रमांक 5 की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता कामिनीसिंग के पास भी ठग ने मोबाइल नंबर 9335255887 से फोन कर मातृ वंदना और पोषण टैकर योजना के हितग्राही की गोपनीय जानकारी मांगने की कोशिश की, परंतु कार्यकर्ता ने समझदारी दिखाते हुए ठग को किसी भी तरह की जानकारी देने से मना कर दिया, जिस पर ठग के द्वारा कार्यकर्ता को अपशब्द कहे गए। कार्यकर्ता कामिनीसिंग ने बताया कि उनके मोबाईल पर 9335255887 नंबर से फोन आया। संबंधित व्यक्ति ने स्वयं को महिला बाल विकास विभाग भोपाल का अधिकारी बताया। उक्त व्यक्ति ने केंद्र पर किन महिलाओं को मातृ वंदना योजना का लाभ दिया गया है इस संबंध में जानकारी मांगी। साथ ही हितग्राही के मोबाइल नंबर भी मांगे। कार्यकर्ता ने बताया कि वर्ष 2021 में इसी तरह के फर्जी कॉल के आधार पर जिले के एक हितग्राही के खाते से ठगों ने एक हजार रुपए की राशि निकाल ली थी। इस घटना को ध्यान में रखते उन्होने बिना वरिष्ठ अधिकारी से चर्चा किए जानकारी देने से मना कर दिया, जिस पर फर्जी कॉलर ने अपशब्द कहे।
इस तरह की जाती है ठगी
शासन की महत्वपूर्ण मातृ वंदना योजना के तहत पहले प्रसव पर गर्भवती महिला के खाते में लगभग 17 हजार रुपए की राशि जमा की जाती है। ऐसे में ठगों ने योजना की राशि को हड़पने के उद्देश्य से स्वयं को महिला बाल विकास विभाग का अधिकारी बताकर जिलेभर की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को अलग-अलग कर फोन करने शुरू कर दिए हैं। फर्जी कॉलर कार्यकर्ता को फोन कर स्वयं को महिला बाल विकास विभाग भोपाल का अधिकारी बताता है। इस पर मातृ वंदना योजना के तहत राशि प्राप्त करने वाली महिला हितग्राही की जानकारी और मोबाइल नंबर मांगा जाता है। नंबर मिलने पर फर्जी कॉलर हितग्राही को फोन लगाकर उससे मोबाइल पर आने वाले ओटीपी नंबर की मांग करता है और इसके बाद खाते से रुपया गायब कर दिया जाता है। हालांकि इस वर्ष जिले में किसी हितग्राही के खाते से राशि गायब नही हुई है, लेकिन गतवर्ष इसी तरह के फर्जी कॉल के आधार पर एक हितग्राही के खाते से करीब एक हजार रुपए की राशि निकाल ली गई थी। फिलहाल गतवर्ष हुई घटना को ध्यान में रखते हुए कार्यकर्ता वरिष्ठ अधिकारी से चर्चा किए बिना किसी भी तरह की जानकारी किसी को भी नही दे रही हैं।

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