Wed 25 05 2022
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अन्धा-गूंगा बना शाजापुर का BSNL विभाग

अन्धा-गूंगा बना शाजापुर का BSNL विभाग

शाजापुर। वर्तमान में सोशियल मीडिया और दूरसंचार सेवा का शत प्रतिशत उपयोग शहर का लगभग हर युवा व्यक्ति ले कर रहा है जिसके लिए दूरसंचार और इन्टरनेट सेवाओं की अलग-अलग कम्पनीयों के अलग-अलग आॅफर का उपयोग हो रहा है। शहर में जहां एक तरफ जीओ और एयरटेल जैसी प्रायवेट कम्पनियों की सेवाऐं मिल रही है वहीं भारतीय दूरसंचार विभाग यानी बी.एस.एन.एल के कर्मचारियों सहित अधिकारियों की लापरवाही से उपभोक्ता परेशान है। ऐसा ही एक उपभोक्त पिछले 10 दिनों से परेशानी झेल रहा है।

कनेक्शन सर्विस चालु पर तार कटे हुए-
उपभोक्ता की परेशानी इस बात से भी है कि विभाग द्वारा कनेक्शन चालु बताया जा रहा है जिसमें काॅल करने पर रिंग जा रही है लेकिन कनेक्शन के तार कटे होने के कारण् उपभोक्ता सेवा से वंचित है, अब यदि इसी प्रकार चलता रहा तो विभाग तो समय पर बिल जमा करने के लिए मैसेज भेज देगा और उपभोक्ता यदि इस राशि को जमा नहीं करेगा तो सेवा फिर से स्थगित

क्या है समस्या-
उपभोक्ता दूरभाष क्र.226687 द्वारा बकाया बिल की राशी लाॅकडाउन में जमा नहीं होने के कारण लेन्डलाईन एवं ब्राॅडबेण्ड कनेक्शन सेवा स्थगित कर दी गई थी। जिसके बाद उपभोक्ता द्वारा बकाया राशी 25 जुलाई को आॅनलाईन एप से जमा कर दी गई । लेकिन सेवा का लाभ नहीं मिलने पर उपभोक्ता द्वारा उक्त विभाग के अधिकारी टी.डी.एम. महोदय से सम्पर्क किया गया जिसके बाद लाईन में देवीसिंह का नम्बर उपभोक्ता का दिया गया ताकी उचित रूप से सम्पर्क हो सके और समस्या हल की जा सके लेकिन कर्मचारी महोदय ने दो टूक जवाब देकर इति श्री कर दी कर्मचारी देवीसिंह का कहना था कि ‘‘आॅफिस में तार नहीं है ये लाईन खुदाई के कारण तार टूट गए है’’ जिसके बाद तार जोड़ने के दिन बढ़ते गए और दुबारा जानकारी मिलि के पानी बन्द हो तो काम करें।

फोन रिसीव नहीं करते साहब-
उक्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी श्री गोयल से इस संबंध में व्हाॅट्सएप एवं फोन के ज़रिये सम्पर्क किया गया लेकिन श्रीमान है कि फोन उठाना तक उचित नहीं समझ रहे।

लापरवाही की लीपा पोती-
उपभोक्ता द्वारा दो आॅनलाईन शिकायत दर्ज की गई जिसका शिकायत क्र.1056294898 था जिसे उक्त विभाग ने यह कहकर समाप्त करवा दिया कि समस्या हल हो चुकी है लेकिन आॅनलाईन शिकायत की समस्या के निराकरण का मैसेज प्राप्त होते ही उपभोक्ता द्वारा असन्तोष जताकर पुनः शिकायत दर्ज कर बताया गया कि समस्या जस की तस है । अब अधिकारियों की विभाग की लापरवाही कही जाए तो अपनी करनी को छुपाने का पूरा प्रयास विभाग द्वारा किया जा रहा है।

सेवा में कमी और कार्य में लापरवाही पर भी हो सकती है कार्यवाही-
खबर के माध्यम और उपभोक्त से मिलि जानकारी के अनुसार यदि कोई भी शासकीय या अर्द्धशासकीय विभाग इस प्रकार लापरवाही बरतता है तो उस विभाग पर और उनके कर्मचारी/अधिकारीयों पर सेवा में कमी और कार्य के प्रति लापरवाही के लिए न्यायालयीन प्रक्रिया अपनाकर होने वाले नुकसान का हर्जा खर्चा भी लिया जा सकता है, साथ ही उचित दण्ड से दण्डित भी न्यायालय कर सकती है।

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