Wed 25 05 2022
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बिट्टू के नही नाजनीन बी के मकान को कर दिया धराशायी-जिया लाला

बिट्टू के नही नाजनीन बी के मकान को कर दिया धराशायी-जिया लाला

शाजापुर। पत्थरबाजी के मामले में अयोध्या बस्ती में प्रशासन द्वारा की गई मकान तोडऩे की कार्रवाई के खिलाफ मुस्लिम समाज ने न्यायालय जाने की तैयारी करली है। बुधवार को समाज ने पे्रसवार्ता आयोजित कर इस बात की जानकारी दी। प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए जिया लाला ने प्रशासन द्वारा की गई मकान तोडऩे की कार्रवाई को राजनीतिक और पक्षपातपूर्ण बताते हुए कहा कि पत्थरबाजी की घटना में प्रशासन ने राजनीतिक दबाव के चलते एक तरफा कार्रवाई की है। जबकि शादी समारोह के दौरान जितेंद्र कुशवाह के परिवार के लोगों ने बाइक चालक युवक अल्फाज उर्फ बिट्टू के साथ पहले गाली-गलौच कर मारपीट की। इस घटना में बिट्टू भी घायल हो गया जिसके बाद दोनों पक्षों में विवाद हुआ, लेकिन प्रशासन ने सिर्फ जितेंद्र कुशवाह की शिकायत पर ही पंद्रह लोगों को आरोपी बना दिया। वहीं जितेंद्र कुशवाह और उसके परिवार के लोगों पर मारपीट का प्रकरण भी दर्ज नही किया गया। लाला ने कहा कि प्रशासन ने राज्यमंत्री इंदरसिंह परमार के इशारे पर अल्फाज के मकान को तोडऩे की कार्रवाई की, जबकि उक्त मकान अल्फाज के नाम पर दर्ज नही है। मकान की मालिक नाजनीन बी हैं। मुस्लिम समाज का कहना है कि यदि प्रशासन को अल्फाज उर्फ बिट्टू के खिलाफ गुंडा एक्ट में कार्रवाई करना थी तो प्रशासन उसकी संपत्ति पर कार्रवाई करता, परंतु प्रशासन ने ऐसा नही करते हुए सत्ता पक्ष को संतुष्ट करने के लिए नाजनीन बी के मकान को जेसीबी की मदद से धराशायी कर दिया। लाला ने बताया कि अयोध्या बस्ती में अधिकांश मकानों के निर्माण की अनुमति नही है, किंतु प्रशासन ने उन पर कभी कोई कार्र्रवाई नही की। प्रशासन द्वारा बिट्टू के परिवार के मकान को तोडऩे के मामले में न्यायालय की शरण ली जाएगी। पत्रकारवार्ता के दौरान वाजिद अली शाह, अब्दुल हफीज साहब सहित पीडि़त परिवार की महिलाएं मौजूद थीं।
मारपीट के मामले में क्यों नही किया प्रकरण दर्ज ?
पत्रकारवार्ता के दौरान मुस्लिम समाज ने प्रशासन द्वारा कार्रवाई को पूरी तरह से गलत बताया। इस दौरान जिया लाला ने कहा कि अल्फाज के साथ तेज बाइक चलाने के नाम पर जितेंद्र कुशवाह के परिजनों ने मारपीट की थी, लेकिन प्रशासन ने उक्त मामले में अल्फाज और उसके परिजनों की राजनीतिक दबाव के चलते सुनवाई नही की। यही कारण रहा कि प्रशासन ने सिर्फ अल्फाज और क्षेत्र के अन्य लोगों के खिलाफ एक पक्षीय कार्रवाई कर दी। जबकि मारपीट की घटना से अल्फाज उर्फ बिट्टू घायल हुआ था।

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