Fri 26 11 2021
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समाज के कर्मठ सदस्य ने छोड़ा साथ, बस यादों में रह गया ‘‘युसुफ’’

समाज के कर्मठ सदस्य ने छोड़ा साथ, बस यादों में रह गया ‘‘युसुफ’’

शाजापुर। चारों तरफ कोरोना से हो रही मौत पर हर समाज में दुःख और शोक की लहर है देश का हर तबका इस बिमारी से जंग लड़ रहा है ऐसे में दाउदी बोहरा सामज के एक युवा और कर्मठ समाजसेवी युसुफ अली ने गत दिनों 24 अप्रैल को आखरी सांस ली। प्राप्त जानकारी के अनुसार युसुफ अली का एक माह पहले अपने नए आॅटो को लाते समय एक्सिडेंट हो गया था जिससे कमर में गम्भीर चोट का इलाज चल रहा था। इन्दौर में चल रहे इलाज में डाॅक्टरों द्वाराएक सप्ताह में ही छुट्टी दे दी गई थी। परिवार द्वारा डाॅक्टरी सलाह के अनुसार घर पर ही एक माह से ‘‘बेडरेस्ट’’ एवं फिज़ियो थैरेपी करवाई जा रही थी, लेकिन 24 अप्रैल 2021 की सुबह युसुफ अली को अटैक आने के कारण दुःखद मृत्यु हो गई। युसुफ अली की इस दुःखद खबर से समाज को गहरा आघात हुआ है।
4 संस्थाओं में प्रमुखता से कर रहे थे सेवा-
युसुफ अली द्वारा समाज की प्रमुख संस्था बुरहानी गार्ड में सदस्य के रूप में कई सालों से सेवारत थे। फैज़ुल मवईद बुरहानिया संस्था द्वारा रात्री में सैयदना साहब की ओर से समाज के घरों में भोजन तकसीम किया जाता है जिसमें युसुफ अली द्वारा कई घरों में भोजन पहुंचाने का कार्य बिना नागा किया जाता रहा।
समाज की तोलोबा की संस्था जिसका कार्य समाज में कार्यक्रमों की तैयारी करना है में प्रमुख सदस्य के रूप में कार्यरत रहे। साथ ही मज़ारे-युसुफी पर प्रति गुरूवार आने वाले रात्री जागरण के ज़ाएरिनों को चाय पिलाने की सेवा नियमित रूप से कर रहे थे। समाज के अलग-अलग संस्थाओं के सदस्यों का कहना है कि युसुफ अली का जाना हमारे लिए ‘‘हमारा एक हाथ टूटने के बराबर है’’
शाजापुर टाईम्स, बुलंद मालवा, सुल्तान-ए-ग़रीब नवाज़ अखबार, शाजापुर समय एवं नजमी पब्लिशर आत्मीय श्रृद्धांजली अर्पित करता है।

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