विश्व दिव्यांग दिवस पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित, दिव्यांगों को प्रमाण पत्र वितरित

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शाजापुर। विश्व दिव्यांग दिवस पर जिला मुख्यालय पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। नव ज्योति विशेष विद्यालय में संपन्न हुए जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता के समापन पर मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती शिवानी वर्मा ने संबोधित किया। उन्होने कहा कि दिव्यांग किसी से कमतर नहीं होते हैं, केवल उन्हें मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। श्रीमती वर्मा ने कहा कि सभी व्यक्तियों में कोई न कोई प्रतिभा अवश्य होती है। इसी तरह दिव्यांग भी प्रतिभावान होते हैं। दिव्यांगों की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें उस क्षेत्र में आगे बढऩे का मौका देना चाहिए। दिव्यांगों के साथ कार्य करते हुए कभी उन्हे इस बात का अहसास नही होने देना चाहिए कि उनमें कुछ शारीरिक कमी है। दिव्यांगों की शारीरिक कमियों को न देखते हुए उनकी क्षमता को देखें। विद्यालय में अध्ययनरत दिव्यांग बच्चों के साथ समान व्यवहार करें। इस मौके पर डिप्टी कलेक्टर सुश्री प्रियंका वर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि दिव्यांग किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। उन्होने पैराओलंपिक में स्वर्ण पदक हासिल करने वाली महिला दीपा मलिक तथा दृष्टिबाधित दिव्यांग रजत सोनी जो कि मध्यप्रदेश लोकसेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण कर नायब तहसीलदार के रूप में पदस्थ है, के बारे में बताया। नव ज्योति विद्यालय के संचालक फॉदर अगस्टिन ने कहा कि उनका विद्यालय ऐसे दिव्यांगों के लिए काम करता हैख् जिनकी कोई देखभाल करने वाला नहीं होता है। उन्होने कहा कि दिव्यांगों को दया या सहानुभूति की आवश्यकता नहीं है, उन्हे केवल मौके की जरूरत है। इस दौरान दिव्यांग शिक्षक सिद्धनाथ वर्मा ने दिव्यांगता के बावजूद अपनी प्रतिभा के आधार पर प्राप्त नौकरी के बारे में बताया। इसी तरह दिव्यांग प्रवीण शर्मा ने कहा कि उन्होने अपने प्रगति के मार्ग में दिव्यांगता को कमजोरी नही बनाया। 9 साल की उम्र से ही वे काम कर रहे हैं। उन्होने कहा कि वे मिलने वाली पेंशन से प्रतिमाह 300 रुपए सैनिक कल्याण कोष में जमा कराएंगे। उन्होने सभी से कहा कि सैनिकों के कल्याण के लिए खुलकर मदद करें। इसी तरह दिव्यांग मांगीलाल राठौर और अलीम खान ने भी दिव्यांग होने के बावजूद कर रहे कार्यों के विषय में बताया। कार्यक्रम के समापन पर प्रतियोगिताओं में स्थान पाने वाले दिव्यांग प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिए गए। उल्लेखनीय है कि प्रात:कालीन सत्र में दिव्यांगों के लिए विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताएं तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। प्रतियोगिताओं में कालापीपल, मोमन बड़ोदिया, शुजालपुर एवं शाजापुर के कुल 123 दिव्यांग बच्चे शामिल हुए। इस अवसर पर जिला परियोजना समन्वयक राजेन्द्र शिप्रे, सेवानिवृत्त चिकित्सक एचआर हावडिय़ा भी मौजूद थे।

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