Sat 31 10 2020
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तरावीह की विशेष नमाज के साथ शुरू हुआ इबादत का दौर

तरावीह की विशेष नमाज के साथ शुरू हुआ इबादत का दौर

शाजापुर। रहमतों के महीने रमजान की चांद दिखने के साथ ही शुरूआत हो गई और मंगलवार को मुस्लिम समाज के लोगों ने पहला रोजा रखा। पहले रोजे के दिन इबादत और बरकतों के इस महीने को लेकर बाजार में भी चहल-पहल दिखाई दी। गौरतलब है कि माहे रमजान को लेकर मुस्लिम समाज के लोगों ने पंद्रह दिनों पूर्व से ही तैयारियां करना शुरू कर दिया था और इसीके चलते घरों की सफाई के साथ मस्जिदों में भी विशेष रंग-रोगन और सजावट का काम शुरू हो गया था। सोमवार शाम को चांद दिखने की तस्दीक होने पर मस्जिदों में तरावीह की विशेष नमाज

अदा की गई। इस्लामी मान्यता के अनुसार माहे रमजान को अन्य महीनों से ज्यादा अजमत और बरकत वाला माना गया है। कहा जाता है कि इस माह में की गई खुदा की इबादत बाकि महीनों से अफजल होती है, यही कारण है कि रमजान के पहले दिन से ही मस्जिदों में नमाजियों की भीड़ बढऩे लगी है और हर कोई अपने रब को मनाने के लिए सजदे में सिर झूकाता नजर आ रहा है। 
मस्जिदों में शुरू हुई तरावीह की विशेष नमाज
उल्लेखनीय है कि सोमवार को माहे मुबारक रमजान की शुरूआत के साथ ही मस्जिदों में 20 रकआत के साथ पढ़ी जाने वाली तरावीह की विशेष नमाज का सिलसिला भी शुरू हो गया है। ईशा की नमाज के समय पढ़ी जाने वाली इस नमाज की बड़ी फजीलत है। चांद दिखने के बाद मुस्लिमजनों ने अपने रब की रजा के लिए सेहरी करते हुए मंगलवार को पहला रोजा रखा, रोजे का यह सिलसिला तीस दिनों तक जारी रहेगा। मुस्लिम त्यौहार कमेटी के जिलाध्यक्ष सज्जाद अहमद कुरैशी ने बताया कि माहे रमजान सब्र, प्रेम और भाईचारे के साथ-साथ अल्लाह की इबादत का एक खास महीना है। इस्लाम धर्म को मानने वाला हर मुसलमान रमजान का बेसब्री से इंतजार करता है। यही वजह है कि रमजान शुरू होते ही हर रोजेदार की दिनचर्या बदल गई है और वे सवेरे जल्दी उठकर अपने रब की इबादत करने में मशगूल हो गए हैं।
बाजार हुए गुलजार
रमजान माह के प्रारंभ होते ही बाजार गुल्जार होने लगे हैं। रोजेदारों के इफ्तार के लिए इफ्तारी की दुकानें सजकर तैयार हो गई  हैं जिन पर मगरिब के नमाज के पूर्व भारी भीड़ खरीदी के लिए जमा दिखाई देने लगी है। पहले रोजे पर मंगलवार को बस स्टैंड, नई सडक़, आजाद चौक, छोटा चौक में इफ्तारी खरीदी के चलते रौनक बनी रही। वहीं मस्जिदों में भी आम दिनों की अपेक्षा नमाजि़यों की संख्या में भारी इजाफा दिखाई दिया। कुरैशी ने बताया कि माहे रमजान में मुस्लिमजन द्वारा अपने रब को राजी करने के लिए रोजा, नमाज, जकाअत और तिलावते कुरआन की जाएगी।