Mon 14 06 2021
Home / Breaking News / सत्यम सीड्स कंपनी को प्रशासन ने किया सील
सत्यम सीड्स कंपनी को प्रशासन ने किया सील

सत्यम सीड्स कंपनी को प्रशासन ने किया सील

शाजापुर। सोयाबीन बीज की किल्लत के साथ ही मुनाफाखौरों ने बाजार में महंगें दामों पर बीज बेचना शुरू कर दिया है।  मौके का फायदा उठाकर किसानों की जेब पर डाका डालने वाले ऐसी ही एक फर्म को प्रशासन ने सील करने की कार्रवाई की है। कलेक्टर दिनेश जैन द्वारा किसानों को उच्च गुणवत्तायुक्त खाद, बीज एवं दवाई प्राप्त हो तथा कालाबाजारी रोकने के उद्देश्य से संस्थाओं की जांच के लिए दल गठित किए गए हैं। दल में शामिल तहसीलदार राजाराम करजरे द्वारा गतदिनों सत्यम सीड्स प्रोपाईटर अंशुल शिवहरे की संस्था की जांच की गई। जांच के दौरान पाया गया कि शिवहरे की कंपनी द्वारा सोयाबीन बीज का स्थानीय स्तर पर ग्रेडिंग कर उंचे दामों पर किसानों को विक्रय किया जा रहा है। जांच करते समय कंपनी द्वारा केस मेमो को छोडक़र आय-व्यय दस्तावेज, पंजियों एवं बाहर से मंगाए जाने वाले बीज का कोई लेखा प्रस्तुत नहीं किया। तहसीलदार ने बताया कि केश मेमो से स्पष्ट हो रहा है कि स्थानीय स्तर पर बीज की पैकिंग कर किसानों को बीज विक्रय किया जा रहा है। जबकि प्रोपाईटर द्वारा बताया गया कि उसकी कंपनी द्वारा बीज विक्रय नहीं किया जा रहा है। जांच में सामने आया कि सत्यम सीड्स कंपनी में सोयाबीन (जेएस 95360)300 क्विंटल, (जेएस2034) 100 क्विंटल सोयाबीन होना बताया गया। वहीं इनकी कंपनी में आय-व्यय का पंजी संधारित नहीं की गई थी, जिस पर प्रोपाईटर द्वारा बताए गए सोयाबीन का भौतिक सत्यापन गोडाउन में किया गया, जिसमें 20 कट्टी क्षमता 50 किलोग्राम, स्वयं के सत्यम सीड्स मार्किंग की बोरी में भरा बीज पाया गया। शेष सोयाबीन बीज लगभग 30 क्विंटल ग्रेडिंग मशीन के पास खुला पाया गया। कम स्टॉक के संबंध में फर्म के प्रोपाईटर से जानकारी ली गई। इनके द्वारा बताया गया कि 200 क्विंटल सोयाबीन ट्रक में भरा हुआ है और दूसरे वाहन में 20 क्विंटल सोयाबीन भरा हुआ है, जिसकी ग्रेडिंग करना शेष है। प्रोपाईटर द्वारा बताए गए सोयाबीन के स्टाक के भौतिक सत्यापन में अंतर पाया गया। इसका कोई समाधान कारक जवाब फर्म द्वारा नहीं दिया गया। इस पर वाहन चालक के भी कथन लिए गए। वाहन चालक ने बताया कि सोयाबीन गुना से लेकर आया है। सत्यम सीड्स कंपनी के प्रोपाईटर शिवहरे से स्पष्टीकरण लिया गया, जिस पर उसने बताया कि यह सोयाबीन बीज उसका स्वयं का है, विक्रय के लिए नहीं है। इस प्रकार फर्म के मालिक द्वारा पूछताछ करने पर अलग-अलग तरह की जानकारी दी गई। प्रोपाईटर द्वारा बताया गया कि इस वर्ष सोयाबीन बीज का विक्रय उनकी कंपनी द्वारा नहीं किया जा रहा है, जबकि केश मेमो बुक में बीज विक्रय का उल्लेख मिला, इस तरह सोयाबीन बीज का स्थानीय स्तर पर ग्रेडिंग कर उंचे दामों पर किसानों को विक्रय करने की अनियमितता पाए जाने पर संस्थान को सील किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*