Wed 27 05 2020
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राष्ट्रभक्तों की वीरगाथा से युवा पीढ़ी को परिचित कराना जरूरी-नाहर

राष्ट्रभक्तों की वीरगाथा से युवा पीढ़ी को परिचित कराना जरूरी-नाहर

शारीरिक प्रकटोत्सव के साथ मनाई सुभाषचन्द्र बोस की जयंती
शाजापुर। विद्या भारती द्वारा संचालित सरस्वती शिशु मंदिर वर्तमान समय की आवश्यकतानुरूप नई पीढ़ी को तैयार करने का काम कर रही है। शिक्षा के साथ-साथ बच्चों का नैतिक, संस्कारित, बौद्धिक और शारीरिक विकास हो

इसके लिए संस्था द्वारा निरंतर प्रयास किए जाते हैं। सोशल मीडिया के असर से प्रभावित आज की पीढ़ी के मन में देशभक्ति, त्याग,  बलिदान और समर्पण के भाव जागृत करना अत्यंत आवश्यक है और सरस्वती शिशु मंदिर द्वारा राष्ट्रभक्त महापुरूषों की जीवनगाथाओं से बच्चों को परिचित करवाकर उन्हे राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करने का काम सार्थक रूप से किया जाता है। उक्त बातें पत्रकार मंगल नाहर ने गुरुवार को स्थानीय शरद नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में नेताजी सुभाषचन्द्र बोस की जयंती पर आयोजित शारीरिक प्रकटोत्सव कार्यक्रम को बतौर अतिथि संबोधित करते हुए कही। कार्यक्रम को अभाविप जिला सहसंयोजक आकाश शर्मा ने भी संबोधित किया। इस दौरान अन्य मंचासीन अतिथियों के रूप में विद्यालय संचालन समिति सदस्य प्रतीक जैन, संस्था प्राचार्य राजीव जलखरे तथा वरिष्ठ अभिभावक रमेशचन्द्र चौहान मौजूद थे। सर्वप्रथम कार्यक्रम की शुरूआत मां सरस्वती एवं भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलन और पूजन के साथ की गई। इसके उपरान्त अतिथि परिचय एवं स्वागत बाल भारती के सदस्यों द्वारा किया गया। कार्यकम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान द्वारा सर्वांगीण विकास के लिए संचालित पांच आधारभूत विषयों में से शारीरिक एवं योग शिक्षा पर आधरित अनेक कार्यक्रम समता, सूर्य नमस्कार, व्यायाम, योग, पिरामिड एवं सामूहिक गीत का प्रदर्शन किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अभिभावक एवं शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। संचालन रमेश गवली ने किया तथा आभार श्रीमती बनारसी पण्ड्या ने माना।
तीन दिवसीय होंगे आयोजन
संस्था के मीडिया प्रभारी महेश यादव ने बताया कि गुरुवार से विद्यालय में शुरू हुए कार्यक्रम तीन दिवसीय आयोजन के रूप में संचालित होंगे। दिनांक 23, 24 एवं 25 जनवरी तक चलने वाले कार्यक्रम के अन्तर्गत शारीरिक प्रकटोत्सव,  मातृ-सम्मेलन, बाल मेला और रंगमंचीय आयोजन सम्पन्न होंगे।

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