Fri 03 12 2021
Home / Breaking News / पुलिया क्षतिग्रस्त होने से राहगीर परेशान, किसी दिन हो सकता है बड़ा हादसा
पुलिया क्षतिग्रस्त होने से राहगीर परेशान, किसी दिन हो सकता है बड़ा हादसा

पुलिया क्षतिग्रस्त होने से राहगीर परेशान, किसी दिन हो सकता है बड़ा हादसा

शाजापुर। बारिश के मौसम में क्षतिग्रस्त हुए पुलिया और मार्ग जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते अब भी लोगों के लिए मुसीबत का सबब बने हुए हैं। मामले में मौखिकतौर पर कई बार जिम्मेदारों से शिकायत भी का जा चुकी है, लेकिन इसके बाद भी राहगीरों की परेशानी को हल नही किया गया है। संबंधित अधिकारियों की यही लापरवाही किसी दिन बड़े हादसे का कारण बन सकती है। उल्लेखनीय है कि बारिश के मौसम में बूंदों ने कई जगह तबाही मचाई थी और नदी नाले उफान पर आने से जिला मुख्यालय से गांव के लोगों को जोडऩे वाले कई पुल और पुलियाएं भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। तेज बहाव की वजह से शाजापुर से करीब 10 किलोमीटर दूर काकड़ी-बिजाना मार्ग की पुलिया का कुछ हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया था जो अब पुल पर एक बड़े गड्ढे का रूप ले चुका है। पुलिया पर रात के समय अंधेरा होने से इस गड्ढे में वाहनों के गिरने का अंदेशा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों ने पुल पर गड्ढा होने की वजह से कई बार हादसे होते होते टल गए हैं। समय रहते यदि पुलिया की मरम्मत नही की गई तो जनहानि होने की संभावना है।
20 से अधिक गांव में प्रवेश का माध्यम पुलिया
गौरतलब है कि कांकड़ी-बिजाना पुलिया से प्रतिदिन 20 से अधिक गांव के ग्रामीण आवाजाही करते हैं, लेकिन इसके बाद भी जिम्मेदारों ने अब तक पुलिया पर हुए गड्ढे को दुरूस्त करने के लिए कोई कार्रवाई नही की है। जिम्मेदार अधिकारियों की इसी सुस्त कार्यशैली के चलते पुलिया से गुजरने वाले राहगीरों को हादसे का डर लगा रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के कारण पुलिया का मटेरियल उखड़ गया था जो अब एक बड़े गड्ढे का रूप ले चुका है। पुलिया में गड्ढा होने की वजह से वाहन चालकों को पुलिया से आवाजाही करने पर असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। उक्त पुलिया से करीब 15 से 20 गांवों के लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं, पुलिया के क्षतिग्रस्त होने से चौपहियां वाहन से सफर करना कठिनाईभरा साबित हो रहा है। ग्रामीणों ने शीघ्र ही पुलिया को दुरूस्त करने की मांग की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*