Mon 14 06 2021
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पर्यावरण सरंक्षण कर रहे शिक्षक, एक हजार पौधे नि:शुल्क कर चुके हैं वितरित

पर्यावरण सरंक्षण कर रहे शिक्षक, एक हजार पौधे नि:शुल्क कर चुके हैं वितरित

शाजापुर। पर्र्यावरण प्रेमी होने का दावा तो कई लोग करते हैं, लेकिन कुछ लोग ही ऐसे होते हैं जो सच्चे पर्यावरण प्रेमी होकर अपने व्यस्ततम समय से भी कुछ वक्त निकालकर वास्तविकता में धरा को हरियाली की चूनर उड़ाने के लिए प्रयासरत रहते हैं। 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस पर पर्यावरण संरक्षण को लेकर कई लोग संकल्प लेंगे, लेकिन इस संकल्प को कुछेक ही पूरा करेंगे और इन लोगों में शामिल हैं शाजापुर शहर के शिक्षक संजयकुमार सोनी,जो शिक्षा कार्य करने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी सदैव ही प्रयासरत रहते हैं। यही कारण है कि विगत पंद्रह वर्षों से शिक्षक सोनी निरंतर बिना रूके बीजों से पौधे तैयार कर लोगों को नि:शुल्क रूप से उपलब्ध कराने का काम कर रहे हैं।
पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा को लेकर शाजापुर के शिक्षक सोनी ने विगत पंद्रह वर्षों से अपने घर एवं अपने परिचितों से फलों के बीज बटोरकर पौधे तैयार करने का शंखनाद किया हुआ है। जिला इको क्लब मॉस्टर ट्रेनर्स सोनी का कहना है कि जितने भी फल लेकर आते हैं उन्हे खाने के बाद उनके बीज को संभाल कर और सूखाकर एक पौधा तैयार कर लेते हैं, और उस पौधे को तैयार कर अपने मित्र या मिलने जुलने वालों को उनके जन्मदिन या परिवार में किसी परिजन की पुण्यतिथि के मौके पर उनकी याद में पौधारोपण करने के लिए दे देते हैं। शिक्षक सोनी अपने विद्यार्थियों के साथ शहर के आम जनों को भी बीज से पौधा तैयार कर शुभ अवसर पर भेंट करने के लिए प्रेरित करने का कार्य कर रहे हैं। इनके इस हुनर को शिक्षा जगत में पर्यावरण संरक्षण की किरण के रूप में देखा जा रहा है।
छत पर तैयार की नर्सरी
बढ़ती आबादी के बीच हरेभरे पेड़ों को लगातार जमींदोज किया जा रहा है और यही कारण है कि पहले जहां जंगल हुआ करते थे, वहां आज पक्के मकानों का कब्जा है। ऐसे में निरंतर पर्यावरण को हो रहे नुकसान को रोकने का प्रयास शिक्षक सोनी विगत 15 वर्षों से कर रहे हैं। सोनी ने बताया कि वर्ष 2006 में उन्होने बीजों से पौधे तैयार करने का फैसला किया। शुरूआती दौर में उन्होने छोटे स्तर पर बीज लगाने शुरू किए। इसके बाद उन्होने बीजों से पौैधे बड़ी संख्या में तैयार करने के लिए अपनी छत पर नर्सरी तैयार की और अब वह हर तरह के फलों के पौधे अपनी छत पर ही तैयार करते हैं। शिक्षक सोनी ने बताया कि उन्होने अब तक करीब 1 हजार बीजों से पौधे तैयार कर अपने रिश्तेदार, दोस्त और मिलने वालों को भेंट किए हैं, और यह सिलसिला आगे भी बिना रूके जारी रखेंगे।

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