Sat 27 11 2021
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आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की नियमों को ताक में रखकर की गई नियुक्तियां

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की नियमों को ताक में रखकर की गई नियुक्तियां

आपत्तिकर्ता कर रहे नए सिरे से भर्ती करने की मांग
शाजापुर। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों पर नियमों को ताक में रखकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की नियुक्ति किए जाने का आरोप लगा है। मामले में आपत्तिकर्ता ने महिला बाल विकास आयुक्त भोपाल को लिखित शिकायत कर नए सिरे से नियुक्तियां किए जाने की मांग की गई है। आयुक्त के नाम दिए गए शिकायती आवेदन में बताया गया कि विगत दिनों शाजापुर परियोजना अंतर्गत ग्राम धाकड़ा, बापचा, भीलवाडिय़ा के रिक्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के पदों की पूर्ति के लिए विज्ञप्ति जारी कर आवेदन मंगवाए गए थे। विज्ञप्ति में बताए नियम सिर्फ आवेदकों पर लागू हुए, जबकि अधिकारियों ने उक्त नियम का पालन नही करते हुए मनमाने तरीके से नियुक्तियां कर दी और उक्त नियुक्तियों में चयन समिति के अध्यक्ष एसडीएम को भी गुमराह किया गया। साथ ही आपत्ति निराकरण समिति की अध्यक्ष सीईओ मिशासिंह जिला पंचायत शाजापुर द्वारा भी ध्यान नहीं दिया गया। जब आपत्तिकर्ताओं द्वारा बताना चाहा तो उनकी मुख्य आपत्ती सुनी ही नहीं गई। कई आवेदिकाओं को बीपीएल के नंबर नहीं दिए। किसी के मृत हुए व्यक्ति का राशनकार्ड मान्य किया गया। मध्यप्रदेश शासन महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा जारी 10.7.2007 के नियम से नियुक्त करना बताया गया, लेकिन उक्त नियम का पालन स्वयं नियुक्तिकर्ताओं ने नहीं किया। नियमानुसार आवेदन प्राप्ति के अंतिम दिनांक से 10 दिवस में चयन किया जाकर अंतिम सूची जारी की जानी थी, परंतु परियोजना अधिकारी द्वारा नियमों का पालन नही करते हुए अपनी मनमानी से अंतिम दिनांक से ढाई माह बाद 9.12.2020 को बैठक आयोजित की गई और बैठक दिनांक को ही सूची जारी होना थी किंतु बैठक के 8 दिन बाद 17.12.2020 को सूची चस्पा होना बताया गया। परियोजना अधिकारी की मनमानी यहां भी नहीं रुकी और अंतिम सूची कुछ जगह 18 तारीख को चस्पा की गई। वहीं बापचा, भीलवाडिय़ा और धाकड़ा में 21.12.2020 को चस्पा की गई, जिसकी शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों से भी की गई परंतु उन्होंने भी कोई ध्यान नहीं दिया। शिकायती आवेदन में आपत्तिकर्ताओं ने उक्त चयन प्रक्रिया को निरस्त करने और पुन: विज्ञप्ति जारी कर नियमानुसार समय अवधि में नियुक्ति करने की मांग की गई है। आपत्तिकर्ता आरती धानुक व संजू गुर्जर आदि ने बताया कि उन्होने कलेक्टर और सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नही हुई है।

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