Fri 03 12 2021
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नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई के बंटाढार की तैयारी, झूठी शिकायत कर…….

नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई के बंटाढार की तैयारी, झूठी शिकायत कर…….

शाजापुर। जिला अस्पताल में बीमार बच्चों और उनके परिजनों को लंबा इंतजार कराने के मामले में हमेशा चर्चित रहने वाले शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ उमेश गौतम का नया कारनामा सामने आया है और अब मानों उन्होने नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई के बंटाढार की तैयारी करली है। यही कारण है कि जब से डॉ गौतम के हाथों में गहन इकाई की बागडोर सौंपी गई है तब से नौनिहालों की फजीहत भी शुरू हो गई है। ऐसे में अपनी नाकामी छिपाने के चक्कर में डॉ गौतम ने इकाई के सर्वश्रेष्ठ माने जाने वाले डॉ चेतन वर्मा के खिलाफ झूठी शिकायत कर उन्हे परेशान करना शुरू कर दिया है। उल्लेखनीय है कि जिला अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर आए दिन हंगामें खड़े होते रहते हैं, लेकिन नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रदेशभर में अपनी पहचान रखती है और इसका श्रेय चिकित्सा इकाई के प्रभारी डॉ चेतन वर्मा को जाता है। अस्पताल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार डॉ उमेश गौतम की बेटी विजया गौतम भी गहन चिकित्सा इकाई में करीब एक वर्ष से पदस्थ हैं, परंतु वह समय पर ड्यूटी करने की बजाय थोड़ी ही देर में अस्पताल से चली जाती हैं, और लंबे समय से डॉ गौतम भी गहन चिकित्सा प्रभारी बनने का सपना देखते रहे हैं जिसके चलते उन्होने डॉ चेतन वर्मा के खिलाफ कई बार काम नही करने की झूठी शिकायत भी की। झूठी शिकायत के आधार पर प्रबंधन ने गौतम को इकाई का प्रभारी बना दिया, परंतु इसके बाद भी गौतम इकाई में समय नही दे रहे हैं। नतीजतन शिशु ओपीडी की तरह ही गहन चिकित्सा इकाई का भी बंटाढार होने लगा है।
एसएनसीयू वार्ड में बढ़ रही अव्यवस्था
गौरतलब है कि शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ चेतन वर्मा वर्ष 2011 से जिला अस्पताल शाजापुर के एसएनसीयू वार्ड के प्रभारी का दायित्व निभा रहे थे और उनके नेतृत्व में इकाई में बच्चों का बेहतर इलाज किया जा रहा था, लेकिन एसएनसीयू वार्ड के दायित्व की लोलुपता के चलते डॉ गौतम ने व्यवस्था को अव्यवस्था में बदलने का बीड़ा उठाया और चेतन वर्मा के विरूद्ध झूठी शिकायत कर उन्हें पद से हटा दिया। इसके बाद गौतम ने अस्पताल इकाई की में ओपीडी की ही तरह कम समय देना शुरू कर दिया जिससे नवजात बच्चों की जान पर मुसीबत बनी हुई है। डॉ गौतम के इस कृत्य की स्वास्थ्य संचालनालय उज्जैन में भी शिकायत की गई है जिसके चलते गतदिनों उज्जैन की टीम ने अस्पताल पहुंचकर शिकायतकर्ता डॉक्टर और स्टॉफ नर्सों के कथन दर्ज किए हैं। ओपीडी में समय पर नही मिलते हैं गौतम
उल्लेखनीय है कि जिला अस्पताल में अपने बच्चों का इलाज कराने पहुंचने वाले परिजनों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है, क्योंकि डॉ उमेश गौतम ओपीडी में भी समय पर नही मिलते हैं। ऐसे में बच्चों के इलाज के लिए परिजनों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। डॉ गौतम के इस रवैये के चलते अस्पताल में कई बार हंगामें भी हो चुके हैं, लेकिन व्यवस्था में कोई सुधार नही आया। वहीं अब डॉ गौतम ओपीडी की तरह ही एसएनसीयू वार्ड की व्यवस्थाओं को भी बदहाल करने पर आमादा नजर आ रहे हैं। यही कारण है कि गहन चिकित्सा इकाई का बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रदेशभर में डंका बजाने वाले डॉ चेतन वर्मा को झूठी शिकायत के आधार पर प्रताडि़त किया जा रहा है।
मैं काम करता हूं
मैं अस्पताल में काम करता हूं, लेकिन डॉ वर्मा काम नही करना चाहते। एसएनसीयू को लेकर मुझसे नही डॉ वर्मा से चर्चा करो।
-डॉ उमेश गौतम, शिशु रोग विशेषज्ञ जिला अस्पताल।
जांच के बाद कार्रवाई करेंगे
एसएनसीयू वार्ड को लेकर चल रहे घमासान की जांच की गई है। वरिष्ठ कार्यालय से आदेश आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई करेंगे। रही बात डॉ गौतम के ओपीडी में मिलने की तो वे समय पर ही मिलते हैं। कभी-कभार कहीं चले जाते होंगे।
-डॉ बीएस मैना, सिविल सर्जन जिला अस्पताल शाजापुर।

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