Fri 03 12 2021
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उच्च न्यायालय के आदेश पर महिला कृषक को दिलाया भूमि पर कब्जा

उच्च न्यायालय के आदेश पर महिला कृषक को दिलाया भूमि पर कब्जा

दस वर्षों से आरोपियों ने कर रखा था अवैध कब्जा, पुलिसबल की मौजूदगी में भूमि पर हुई तार फेंसिंग
शाजापुर। बिगड़ी नीयत के चलते महिला कृषक की कृषि भूमि पर कई वर्षों से अवैध कब्जा जमाए बैठे आरोपियों के अवैध आधिपत्य से भूमि को मुक्त कराकर अधिकारियों ने उच्च न्यायालय के आदेश पर फरियादी को कब्जा दिलाया। राजस्व निरीक्षक राजोरिया और हल्का नंबर पटवारी हनौतिया पुलिसबल के साथ मौके पर पहुंचे और सीमांकन कर फरियादी को कब्जा दिलाने की कार्रवाई की। प्राप्त जानकारी के अनुसार महूपुरा निवासी मेहमूदाबी पति शमशुद्दीन की ग्राम लखमनखेड़ी में भूमि सर्वे क्रमांक 278/4/1 रकबा, 020, 278/4/3 रकबा 0.06 हैक्टेयर भूमि में से 0.04 हैक्टेयर भूमि पर अख्तर बानो पति अलाउद्दीन महूपुरा, शमीम आरा पति शहजाद खां निवासी डांसी और अलाउद्दीन पिता गुलाब खां निवासी महूपुरा ने अवैध रूप से करीब दस वर्षों से कब्जा कर रखा था। मामले में फरियादी मेहमूदा बी ने तहसील कार्यालय में आवेदन देकर भूमि का सीमांकन करवाया जिसमें आरोपियों के द्वारा अवैध रूप से कब्जा किया जाना सामने आया। इस पर फरियादी ने उच्च न्यायालय इंदौर में याचिका दायर की, जहां से अख्तर बानो, अलाउद्दीन और शमीम आरा के द्वारा किए गए अवैध आधिपत्य को हटाने के आदेश जारी किए गए। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद फरियादी ने तहसील कार्यालय में अभिभाषक संजय व्यास के माध्यम से भूमि पर कब्जा दिलाए जाने का आवेदन प्रस्तुत किया। तहसील न्यायालय ने उच्च न्यायालय इंदौर के 19 फरवरी 2021 को जारी आदेश का पालन करने हेतु राजस्व निरीक्षक और पटवारी को कब्जा दिलाए जाने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए, जिसके चलते राजस्व निरीक्षक और पटवारी पुलिसबल के साथ बुधवार सुबह ग्राम लखमनखेड़ी पहुंचे और सीमांकन कर फरियादी को भूमि पर कब्जा दिलाया। पुलिस बल की मौजूदगी में फरियादी ने तार फेंसिंग कर भूमि को अपने कब्जे में लिया।
बेशकीमती भूमि पर बिगड़ी नीयत
उल्लेखनीय है कि मेहमूदा बी की लखमनखेड़ी स्थित कृषि भूमि बेशकीमती है, जिस पर अख्तर बानो, शमीम आरा और अलाउद्दीन की नीयत बिगड़ गई और उन्होने भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया। फरियादी के द्वारा बारबार समझाने पर भी आरोपियों ने अवैध कब्जा नही छोड़ा, जिसके चलते फरियादी ने उच्च न्यायालय इंदौर में न्याय के लिए याचिका लगाई। समस्त दस्तावेजों के आधार पर उच्च न्यायालय ने फरियादी मेहमूदा बी के पक्ष में फैसला देते हुए आरोपियों के कब्जे भूमि को मुक्त कराने और फरियादी को कब्जा दिलाने का आदेश जारी किया, जिसका बुधवार सुबह पालन करते हुए फरियादी को भूमि पर कब्जा दिलाया गया।
तहसील से लेकर उच्च न्यायालय में जीता मुकदमा
फरियादी मेहमूदा बी की करोड़ों रुपए कीमत की भूमि पर अख्तर बानो, शमीम आरा और अलाउद्दीन ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया। मेहमूदा बी ने अपने परिवार के सदस्यों के माध्यम से आरोपियों को समझाने की कोशिश भी की, लेकिन वे नही माने। इस पर फरियादी ने तहसील कार्यालय में मुकदमा दायर किया जहां से उसे जीत मिली। इसके बाद एसडीएम न्यायालय से भी फरियादी के पक्ष में फैसला आया। इस फैसले के खिलाफ आरोपियों ने कमीश्नर उज्जैन के यहां अपील कर दी जहां हुई सुनवाई में भी कमीश्नर ने फरियादी मेहमूदा बी के पक्ष में फैसला किया, परंतु आरोपी इस फैसले से भी संतुष्ट नही हुए और मामला उच्च न्यायालय इंदौर तक जा पहुंचा। उच्च न्यायालय ने प्रकरण में साक्ष्यों के आधार पर फरियादी मेहमूदा बी के पक्ष में फैसला दिया जिसके परिपालन में राजस्व अमले ने बुधवार को कार्रवार्ई करते हुए आरोपियों के कब्जे से भूमि को मुक्त कराकर फरियादी को कब्जा दिलाया।

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