Sat 04 12 2021
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भारतीयों की मानसिकता है कि जो छपा है वह सही है- प्रफुल्ल केतकर

भारतीयों की मानसिकता है कि जो छपा है वह सही है- प्रफुल्ल केतकर

शाजापुर। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की राष्ट्रीय मीडिया कार्यशाला ऑनलाइन आयोजित की गई। कार्यशाला के प्रथम सत्र में प्रिंट मीडिया और शिक्षक संगठन विषय पर अंग्रेजी साप्ताहिक ऑर्गेनाइजर के संपादक प्रफुल्ल केतकर ने कहा कि प्रिंट मीडिया की खासियत विश्वसनीयता है। इसमें जो समाचार प्रकाशित हो रहा है वह सही है, ऐसी भारतीयों की सोच है। समाचार में नयापन और कार्यक्रम का विस्तृत ब्यौरा शामिल किया जाता है। हर अखबार अपनी एक्सक्लूसिव स्टोरी चाहता है। आजकल सफलता की कहानियां अधिक पढ़ी जाती हैं। शिक्षक संगठन होने के नाते शिक्षकों की सफलता की कहानी संगठन के विभिन्न स्तरों से मीडिया में जाए तो एक अच्छा समाचार बन सकता है। पत्रकारों से संपर्क साधना, विषयवस्तु की विस्तार से जानकारी देना, गतिविधियों की वार्षिक कार्य योजना तैयार करना और संगठन से जुड़े विषयों पर समय-समय पर विभिन्न माध्यमों द्वारा अपनी मौजूदगी दर्ज कराना प्रमुख है। समाज आधारित शिक्षा जैसे प्रमुख विषय हमारी प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य अनुसार प्रत्येक इकाई को कार्यक्रम आयोजित कर समाचार विभिन्न माध्यमों में भेजने चाहिए, जिससे संगठन को मजबूती मिलेगी और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के धेय को आगे बढ़ा पाएंगे। समय-समय पर कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण भी होना चाहिए। सत्र का संचालन मीडिया टोली सदस्य सुभाष अठावले ने किया।
सुर्खियों पर चलता है टेलीविजन मीडिया
द्वितीय सत्र में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का प्रभावी उपयोग विषय पर माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलपति केजी सुरेश ने कहा कि टेलीविजन मीडिया का प्रभाव व्यापक है। कोरोना काल में इस मीडिया ने लोगों को बहुत अधिक आकर्षित किया है। घर में रहकर देश व समाज में क्या हो रहा है इसकी जानकारी इस माध्यम से प्राप्त की। टेलीविजन में एजेंडा आधारित पत्रकारिता है। इसमें खबरों को तोड़ मरोड़ कर भी पेश किया जाता है। उन्होने कहा कि महासंघ से संबद्ध कार्यकर्ताओं को विभिन्न मुद्दों को राष्ट्रीय परिपेक्ष में रखने की आवश्यकता है। उन्होने कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षा जगत से जुड़े विषयों की सूची बनाएं, टेलीविजन मीडिया तक अपनी पहुंच बनाकर अपनी राय प्रकट करें और नकली मुद्दों पर काउंटर कर सत्य को समाज तक ले जाने, कम से कम शब्दों में अपनी बात रखें। इसके लिए विषयों की गहराई से समझ रखना बहुत जरूरी है। सत्र का संचालन अखिल भारतीय सह मीडिया प्रमुख बसंत जिंदल ने किया। वहीं अखिल भारतीय मीडिया प्रकोष्ठ प्रमुख विजयकुमारसिंह ने प्रस्तावना रखते हुए कहा कि समाचार माध्यमों की महत्ता एवं संगठन हित हेतु समाचार माध्यमों का सदुपयोग विषय पर गहराई से प्रकाश डालते हुए बताया कि महासंघ के अनेक माध्यम कार्यरत हैं, जिनके प्रसार की आवश्यकता है। सभी शिक्षक साथियों को इस दिशा में कार्य करना होगा। संगठनात्मक चर्चा करते हुए अखिल भारतीय महामंत्री शिवानंद सिंदनकेरा ने बताया कि शिक्षकों द्वारा संगठन के कार्यों को जनजन तक मीडिया के माध्यम से ले जाया जा सकता है। शिक्षा ही सामाजिक परिवर्तन का वाहक है। शिक्षकों में सीखने की सतत लालसा होनी चाहिए और बदलाव के साथ समयानुसार तैयार रहना होगा। निजी स्वार्थों को त्याग कर संगठन, समाज एवं शिक्षा हित हेतु कार्य करना चाहिए। हमारी छोटी से छोटी इकाई सक्षम बने इस हेतु हम सबको प्रयास करना होगा।
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