Fri 03 12 2021
Home / Breaking News / महिला चिकित्सक पर लगाए गए लापरवाही के आरोप निराधार, हंगामा करने वाले परिजनों ने मांगी माफी
महिला चिकित्सक पर लगाए गए लापरवाही के आरोप निराधार, हंगामा करने वाले परिजनों ने मांगी माफी

महिला चिकित्सक पर लगाए गए लापरवाही के आरोप निराधार, हंगामा करने वाले परिजनों ने मांगी माफी

शाजापुर। महिला चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा करने वाले परिजनों ने लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताते हुए अस्पताल प्रबंधन से लिखित में माफी मांगी है। बता दें कि 23 सितंबर को शाजापुर जिला अस्पताल में काशीनगर निवासी पूजा पति पवन को परिजनों ने प्रसव के लिए भर्ती कराया था। 24 सितंबर की रात को पूजा के गर्भ में ही नवजात की मौत हो गई थी, जिस पर परिजनों ने अस्पताल की महिला चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया था। हंगामें के दौरान परिजनों ने महिला चिकित्सक डॉ उमा परमार, सिविल सर्जन बीएस मैना का गेट लगाकर रास्ता रोक दिया था। परिजनों के इस कृत्य पर अस्पताल प्र्रबंधन हंगामा करने वालों के खिलाफ डॉक्टर प्रोटेक्शन एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कराने के लिए थाने जा पहुंचा। हालांकि समाज के वरिष्ठों के हस्तक्षेप के बाद मामले में कोई कार्र्रवाई नही कराई गई। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ बीएस मैना ने बताया कि काशीनगर में रहने वाली पूजा पति पवन को परिजनों ने अस्पताल में भर्ती कराया था जहां उसका ऑपरेशन किया जाना था, लेकिन ऑपरेशन दिनांक को महिला का ब्लड प्रेशर अधिक होने की वजह से उसका ऑपरेशन किया जाना संभव नही था, ऐसे में परिजनों को महिला चिकित्सक द्वारा सलाह दी गई थी कि वे ऑपरेशन के लिए इंदौर अस्पताल ले जाएं, परंतु परिजनों ने लेट लतीफी की जिसकी वजह से दुर्घटना हो गई।
अस्पताल पहुंच कर मांगी माफी
लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा करने वाले परिजनों ने महिला चिकित्सक और सिविल सर्र्जन को अस्पताल से बाहर नही जाने दिया था और गेट बंद कर दिया था। इसके बाद दूसरे दिन भी अस्पताल पहुंचकर परिजनों ने जमकर हंगामा किया, जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने और डॉक्टर प्रोटेक्शन एक्ट के तहत हंगामा करने वाले लोगों पर प्रकरण दर्ज कराने के लिए थाने पर आवेदन दिया। इस आवेदन के बाद परिजन समाज के वरिष्ठों को माध्यम से रविवार को जिला अस्पताल पहुंचे और लिखित में आवेदन देकर माफी मांगी। हंगामा करने वाले परिजनों ने लिखित में कहा कि उन्होने आवेश में आकर आरोप लगाए थे जो पूरी तरह से निराधार थे। भविष्य में वह कभी दोबारा इस तरह का कृत्य नही करेंगे। परिजनों के लिखित में माफी मांगने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने भी किसी तरह की कोई कानूनी कार्रवाई नही करवाई।
००००००००००००००००००००

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*