Tue 17 05 2022
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नेशनल लोक अदालत में 04 करोड़ 06 लाख रूपए से अधिक अवॉर्ड पारित

नेशनल लोक अदालत में 04 करोड़ 06 लाख रूपए से अधिक अवॉर्ड पारित

             शाजापुर,  राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशानुसार जिला मुख्यालय शाजापुर सहित तहसील मुख्यालय शुजालपुर, आगर, सुसनेर, नलखेड़ा न्यायालय परिसर में कोविड-19 की गाईडलाईन का पालन करते हुए हुई नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। नेशनल लोक अदालत में 1346 प्रकरण निराकृत हुए और 04 करोड़ 06 लाख 12 हजार 746 रूपए के आवार्ड पारित किए गये। नेशनल लोक अदालत में 1898 से अधिक व्यक्ति लाभान्वित हुए। नेशनल लोक अदालत में जिले एवं तहसीलों को मिलाकर कुल 23 न्यायिक खण्डपीठ बनाई गई थी। आज प्रातः 10:30 बजे नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने मॉ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यापर्ण व दीप प्रज्जवलित कर किया। इस मौके पर न्यायाधीश श्री मनोज कुमार शर्मा, श्री बृजेश गोयल, श्री प्रवीण शिवहरे, श्री अनिल कुमार नामदेव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री राजेन्द्र देवड़ा, श्री आशीष परसाई, श्रीमती शर्मिला बिलवार, सुश्री हर्षिता सिंगार, श्रीमती प्रिन्सी अग्रवाल, श्री नीरज अग्रवाल, सुश्री रूपम तोमर, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री कमल श्रीवास्वत, अन्य अधिवक्ता, न्यायालय के कर्मचारीगण भी मौजूद थे।

         लोक अदालत में अपराधिक शमनीय प्रकरण, परक्राम्य अधिनियम की धारा 138 के अंतर्गत प्रकरण, बैंक रिकवरी संबंधी मामले, एम.ए.सी.टी प्रकरण (मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा प्रकरण), वैवाहिक प्रकरण, श्रम विवाद प्रकरण भूमि अधिग्रहण, विद्युत एवं जल कर/बिल संबंधी अन्य समस्त प्रकार के राजीनामा योग्य, प्री-लिटिगेशन (मुकदमा पूर्व) आदि के कुल 14998  प्रकरण रखे गये थे। उनमें से प्री-लिटिगेशन के रखें 12177 प्रकरणों में से 945 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इन प्रकरणों में 1 करोड़ 14 लाख 70 हजार 138 रुका राजस्व प्राप्त हुआ। इसी प्रकार न्यायालय में 2821  लंबित प्रकरण को नेशनल लोक अदालत में रखें गये, जिसमें से 401  लंबित प्रकरणों का निराकरण हुआ जिसमें से 29142608 राशि जमा हुई। इस प्रकार कुल 1346 न्यायालयीन प्रकरणों में जिले/तहसीलों में राजीनामा करवाया गया। जिसमें से 04 करोड़ 06 लाख 12 हजार 746  रूपये की आवार्ड राशि वसूली की गई और 1898 से अधिक व्यक्ति लाभान्वित हुए। लोक अदालत में शाम 5 बजे तक कई प्रकरणों में राजीनामा करवाया गया।

नेशनल लोक अदालत में शुजालपुर में 05 खण्डपीठों में कुल 323 प्रकरणों का निराकरण

 शुजालपुर में  जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष तहसील विधिक सेवा समिति शुजालपुर श्री रूपम वेदी के मार्गदर्शन में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत का सादगीपूर्ण तरीके से शुभारंभ द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश श्री रूपम वेदी द्वारा किया गया। इस अवसर पर चतुर्थ जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश श्री शरद कुमार गुप्त,  तृतीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश श्री हरीश वानवंशी,   तृतीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खण्ड श्रीमती चंचल बुंदेला, तृतीय व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खण्ड श्री विष्णु दुबे  शुजालपुर अभिभाषक संघ के अध्यक्ष श्री अजय पाल सिंह जादौन , वरिष्ठ अधिवक्ता श्री पारस चोपड़ा, नायब नाजिर श्री राधेश्याम बाणकर, अधिवक्ता संघ के सदस्यगण, सुलहकर्ता अधिवक्तागण, विधुत विभाग के अधिकारीगण ने मां सरस्वती एवं महात्मा गांधी जी के छायाचित्र पर हार-फूल चढ़ाकर व दीप प्रज्वलन कर किया।

             लोक अदालत में शुजालपुर न्यायालय में गठित 05 खण्डपीठों में लंबित एवं प्रीलिटिगेशन के कुल 323 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें 85 लाख 68 हजार 215 रुपये का भुगतान समझौता करवाया गया, जिससे 625 पक्षकार लाभान्वित हुए। लोक अदालत में आपराधिक, सिविल, विद्युत अधिनियम, श्रम, मोटर दुर्घटना दावा, चैक बाउन्स आदि से संबंधित प्रकरणों में कुल 114 लंबित प्रकरणों का निराकरण किया गया, इसके  द्वारा 70 लाख 79 हजार 155 रुपये का भुगतान/समझौता करवाया गया, जिससे 275 व्यक्ति/पक्षकार लाभांवित हुए। उसी तरह नगर पालिका, नगर परिषद व बैंक, विधुत के प्रीलिटिगेशन के कुल 209 प्रकरणों का निराकरण किया गया, इसके द्वारा 14 लाख 89 हजार 60 रुपये का भुगतान/समझौता करवाया गया, जिससे 286 व्यक्तियों को फायदा पहुंचा।

            श्री हरीश वानवंशी तृतीय जिला न्यायाधीश के न्यायालय में लगभग 06 वर्ष से अलग रह रहे दंपत्ति को हिंदू विवाह अधिनियम के प्रकरण में राजीनामा करवाकर फूल-माला पहनाकर राजी खुशी साथ-साथ भेजा गया।

            श्रीमती चंचल बुंदेला द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खण्ड के न्यायालय से अलग रह रहे दंपत्ति को घरेलु हिंसा के प्रकरण में राजीनामा करवाकर फूल-माला पहनाकर राजी खुशी साथ-साथ भेजा गया।

            इस अवसर पर न्यायाधीशगण, अभिभाषकगण, नगर पालिका,  विद्युत पुलिसविभाग के अधिकारी व कर्मचारीगण सहित न्यायालय के समस्त कर्मचारीगण व तहसील विधिक सेवा समिति के कर्मचारी सहित पक्षकारगण उपस्थित थे।

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