Sat 27 11 2021
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खेती से ही संभव है आर्थिक विकास: धाकड़

खेती से ही संभव है आर्थिक विकास: धाकड़

– कृभको द्वारा आयोजित एक दिवसीय खेत दिवस पर किसानों को बताई खेती की महत्ता, सुलझाई समस्या
षाजापुर। उत्तम खेती, मध्यम व्यापार यह नारा हमें हमारे बुजुर्ग देकर गए हैं जो आज के समय में भी हमारे जीवन निर्वहन का सबसे उत्तम साधन है। यदि हमने अपने खेतों पर ध्यान दिया और बेहतर तरीके अपनाए तो हमें किसी और साधन पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है।
यह बात कृषि वैज्ञानिक डाॅ. एसके धाकड़ ने कृभको द्वारा ग्राम सिंगारचोरी में आयोजित खेत दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। डाॅ. धाकड़ ने किसानों को सलाह देते हुए कहा कि वे एकीकृत कृषि प्रणाली अपनाएं जो सबसे बेहतर है। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली में आपको कम खर्च में बेहतर उत्पादन मिलेगा और आपको आर्थिक निर्भरता मिलेगी। उन्होंने कहा कि कृभको द्वारा इजाद किए गए तरल जैव उर्वरक का उपयोग अपने खेतों में करें जो काफी सकारात्मक परिणाम देने वाला है। जो खेत में उपलब्ध खाद को घुलनषील बनाने में सहायक होता है। इससे फसलों के उत्पादन का प्रतिषत बढ़ जाता है। साथ ही पौधों में यदि कोई रोग लग भी जाता है तो उसकी प्रतिरोधात्मक क्षमता में वृद्धि होती है जिससे फसलें बीमारी से सुरक्षित रहती हैं। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे बीजोपचार पद्धति को अपनाएं। जिस प्रकार हम छोटे बच्चों को उसके खुषहाल जीवन के लिए पोलियो सहित विभिन्न टीके लगाते हैं जिससे वह अपनी सारी उम्र स्वस्थ रहता है। ठीक उसी प्रकार
यदि बीज का उपचार कर उसे रोपित करते हैं तो जमीन से हमें अपेक्षा से अधिक उत्पादन मिलता है तो फसलें भी रोग रहित रहती हैं। कृषि वैज्ञानिक डाॅ. मुकेष सिंह ने किसानों को बताया कि वे मौसम के अनुसार किस प्रकार का बीज रोपें, कैसे बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। श्री सिंह ने किसानों को सलाह दी कि वे कृभको द्वारा निर्मित उत्पादों को अपनाएं जिससे हर सीजन या मौसम में फसलों की रोग प्रतिरोधात्मक क्षमता भी बढ़ेगी। उन्होंने रासायनिक खादों के दुष्परिणाम के बारे में बताया और कहा कि वे जैविक खेती को अपनाएं ताकि आने वाले समय में हम लोग आर्थिक संपन्नता प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृभको के क्षेत्रीय प्रतिनिधि कुंदन गुर्जर ने किसानों को मिट्टी परीक्षण के फायदे बताते हुए इसे अपनाने की सलाह दी और किस तरह से किसान जैविक और रासायनिक खादों के समन्वय से अधिक उत्पादन ले सकते हैं। श्री गुर्जर ने किसानों को बताया कि वायु मंडल में 78 प्रतिषत नाईट्रोजन होने के बावजूद आज हम यूरिया पर पूरी तरह निर्भर हो चुके हैं क्योंकि हमने मिट्टी में उपलब्ध सूक्ष्म जीवों को जो कि बेहतर उत्पादन करने में मिट्टी के सहायक होते हैं को रासायनिक खादों से लगभग समाप्त कर दिया है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि सूक्ष्म जीवों की बढ़ोत्तरी के लिए आप लोग कृभको के तरल जैव उर्वरकों का इस्तेमाल करें। इस अवसर पर ग्राम सिंगारचोरी के सरपंच प्रतिनिधि मनोज गुर्जर सहित बड़ी संख्या में प्रगतिषील कृषक उपस्थित थे। संचालन व आभार क्षेत्रीय प्रतिनिधि श्री गुर्जर ने माना। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को कंपनी के तरल जैव उर्वरकों का निःषुल्क वितरण भी किया गया।
भारत सरकार की नीतियों से भी कराया अवगत
श्री सिंह ने किसानों को भारत सरकार द्वारा किसानों के हित में चलाई जा रही योजनाओ के बारे मे भी बताया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार द्वारा शुरू की गई कस्टम हायरिंग योजना के बारे में बताते हुए कहा कि इस योजना से छोटे से छोटा किसान भी आधुनिक उपकरण से का उपयोग कर सकता है। इसके लिए मोदी सरकार द्वारा इन उपकरणों को सभी प्रकार के किसानों को किराये पर उपकरण उपलब्ध कराने के साथ ही सस्ते दामों पर इन उपकरणों को किसानों के लिए मुहैया कराया गया है जो किसानों को बेहतर उत्पादन देने में सहायक होंगे।

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