Fri 03 12 2021
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बढ़ती महंगाई के विरोध में कांग्रेस ने निकाली किसान सम्मान यात्रा

बढ़ती महंगाई के विरोध में कांग्रेस ने निकाली किसान सम्मान यात्रा

– राष्ट्रीय सचिव सहित वरिष्ठों ने भाजपा पर साधा निषाना, काले कानून वापस लेने की की मांग
फोटो –
शाजापुर। महंगाई और केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए कृषि कानूनो के विरोध में एक बार फिर कांग्रेस हल्ला बोल किया और जिला मुख्यालय पर सैकड़ों किसानों के साथ आजाद चैक पहुंचे जहां कृषि कानूनों के साथ-साथ बढ़ती महंगाई को लेकर कांग्रेसियों ने भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया।
दोपहर करीब 12 बजे किसान सम्मान यात्रा जिला मुख्यालय स्थित बस स्टैंड पहुंची। जहां से कांग्रेसी पैदल यात्रा करते हुए आजाद चैक पहुंचे। आजाद चैक पहुंचकर आमसभा में परिवर्तित हो गई। जिसे संबोधित करते हुए राष्ट्रीय सचिव व मप्र प्रभारी सीपी मित्तल ने कहा कि मामूली मूल्य बढ़ोत्तरी को लेकर हल्ला मचाने वाले आज महंगाई की दर आसमान पर पहुंचने के बाद भी चुप बैठे हैं। तो चंद उद्योगपतियों को लाभ पहंुचाने के लिए बनाए गए कृषि कानून को वापस लिए जाने के लिए सड़क पर मौसम की मार झेल रहे किसान दिखाई नही दे रहे हैं। सड़क पर भूखे मर रहे किसानों को खिलीस्तानी और आतंकवादी बताया जा रहा है। जबकि कांग्रेस की सरकार ने कभी किसानों का साथ नहीं छोड़ा लेकिन भाजपा की केंद्र और राज्य सरकार में किसानों की हालत सभी को पता है। कालापीपल विधायक कुणाल चैधरी ने कहा कि केंद्र सरकार बात तो किसानों के हित की करती है, लेकिन वास्तविकता में किसानों का कंधा उनका सत्ता तक आने का हथियार मात्र है, जिसके बल पर ये लोग सत्ता में तो आ जाते हैं लेकिन बाद में किसानों के बजाए उद्योगपतियों का विकास करते हैं। आज चंद उद्योगपतियों के इषारों पर यह सरकार काम कर रही है। पेट्रोल डीजल को लेकर जो लोग पहले साइकिल पर आ जाते थे आज उनकी बोलती क्यों बंद है। सीधी सी बात है पेट्रोल डीजल पर टैक्स बढ़ाकर ये लोग अपनी और अपने चहेते उद्योगपतियों की जेब गर्म कर रहे हैं जिसका खामियाजा आमजनता को भुगतना पड़ रहा है। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव महेंद्र जोषी ने कहा कि भाजपा यदि ज्यादा दिनों तक सत्ता में रही तो यह देष के लोकतंत्र को खतरा हो सकता है। ये लोग देषवासियों को मूल मुद्दांे से भटकाकर आपस में लडाकर अपनी रोटियां सेक रहे हैं। आज जो देष के हालात हैं वह किसी से छुपे नहीं है। उन्होंने शहरवासियों से आह्वान किया कि आप लोग एक बार फिर कांग्रेस को सत्ता में आने का मौका दें। वादा करते हैं कि किसानों के एक-एक पसीने की बूंद का हिसाब लेंगे और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामवीरसिंह सिकरवार ने भजपा की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है। किसानों को न तो फसलों का दाम सही मिल रहा है और न ही उनके हितों को लेकर कोइ कदम उठाए गए हैं। जबकि चुनाव के पहले खुद को किसान पुत्र बताकर कांग्रेस का चिट्ठा खोलने की बात करने वाले षिवराज जी आज चुप क्यों हैं। कृषि कानून के दुष्परिणाम आज बच्चा-बच्चा जानता है लेकिन प्रदेेष की भाजपा सरकार इसे किसानों के लिए हितकर बता रही है। जनता यह कैसे भूल सकती है कि भाजपा के राज में ही किसानों को गोलियों से भुन दिया गया था। उन्होंने कहा कि षिवराज जी झूठ की भी एक सीमा होती है आप तो सारी सीमाएं पार कर चुके हो। अब जनता सब जान चुकी है और आगामी चुनाव में आपको जनता इसका जवाब भी दे देगी। कार्यक्रम को किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष कैलाषचंद्र मटोलिया, जनपद सदस्य राजकुमार कराड़ा, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी सदस्य नरेष कप्तान, पूर्व सीसीबी चेयरमेन वीरेंद्रसिंह गोहिल, जनपद अध्यक्ष अजबसिंह पंवार, आषुतोष शर्मा, युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष जयंतसिंह सिकरवार, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष स्मिता सोलंकी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष इमरान खरखरे, जिला कांग्रेस प्रवक्ता पं. गोविंद शर्मा, अल्पसंख्यक कांग्रेस जिलाध्यक्ष वाजिद अली शाह, गजेंद्रसिंह सिसौदिया, बालकृष्ण चतुर्वेदी, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सीताराम पवैया, कमल चैधरी, गुलाना ब्लाॅक कांग्रेस अध्यक्ष हीरेंद्र सिंह, अकोदिया विष्णु परमार, कालापीपल भोजराज परमार, बेरछा शाहिर भाई, कालापीपल अषोक परमार, पोलायकलां पवन राजकुमार, कार्यकारी जिलाध्यक्ष केदारसिंह मेवाड़ा, कालापीपल वरूण गांधी, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि कालूराम कुंडला, जनपद अध्यक्ष भेरूलाल सौराष्ट्रीय ने भी आमसभा को संबोधित किया। स्वागत भाषण जिला कांग्रेस अध्यक्ष योगेंद्रसिंह बंटी बना ने दिया। संचालन विनीत वाजपेयी ने किया तथा आभार पूर्व विधानसभा अध्यक्ष दीपक निगम ने माना। इस अवसर पर पार्षद राजेष पारछे, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अंकित अंबावतिया, संजीव त्रिवेदी, पार्षद अकील वारसी, अमरसिंह बकानी, श्याम गिरी, रामू सर्राफ, कमरूद्दीन मेव, सत्या वात्रे, जहीर बिट्टा, बफाती सेठ, बलराम गुर्जर, शादाब अली, विकास सिसौदिया आदि कांग्रेसी कार्यकर्ता उपस्थित थे।
शहीद हुए किसानों को दी श्रद्धांजलि
आमसभा के बाद आयोजन स्थल पर दिल्ली में किसान आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों को कांग्रेसी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने दो मीनिट का मौन रख श्रद्धांजलि दी।

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