Mon 21 09 2020
Home / Breaking News / जिला शिक्षा अधिकारी ने उड़ाई राज्य शिक्षा केंद्र के आदेश की धज्जियां
जिला शिक्षा अधिकारी ने उड़ाई राज्य शिक्षा केंद्र के आदेश की धज्जियां

जिला शिक्षा अधिकारी ने उड़ाई राज्य शिक्षा केंद्र के आदेश की धज्जियां

शाजापुर। वरिष्ठ कार्यालय के आदेश की हमेशा धज्जियां उड़ाकर चांदी काटने वाले जिला शिक्षा अधिकारी कैलाश का एक ओर कारनामा सामने आया है और यहां उन्होने नियमों को ताख में रखकर मनमाने ढंग से माध्यमिक विद्यालय महालक्ष्मी को एकर शाला का खिताब देकर विमर्श पोर्टल पर दर्ज कर दिया गया है, जबकि

नियमानुसार एकर शाला के रूप में तोड़ा क्रमांक 1 का चयना किया गया था। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए लिए गए निर्णय को लेकर उत्कृष्ट माध्यमिक विद्यालय तोड़ा क्रमांक 1 की प्रधानाध्यापक ने कलेक्टर श्रीकांत बनोठ से लिखित में शिकायत कर कार्रवाई किए जाने की मांग की है। कलेक्टर को दिए गए आवेदन में प्रधानाध्यापक ने बताया कि राज्य शिक्षा केंद्र ने एक परिसर एक शाला के क्रियान्वयन के आदेश दिए थे, जिसके चलते बीआरसी द्वारा सत्यापन कार्य पूर्ण कर शाजापुर के मावि तोड़ा क्रमांक 1 किला परिसर को सर्वाधिक उपस्थिति के आधार पर एकर शाला के लिए पात्र बताया था, लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी कैलाश ने हर बार की तरह मामले में मनमानी पूर्ण कार्य करते हुए स्थानीय स्तर पर एकर शाला का नाम और डाईस कोड परिवर्तित कर दिया और मप्र शासन स्कूल शिक्षा विभाग सचिव के आदेश का उल्लंघन करते हुए तोड़ा क्रमांक 1 के स्थान पर मावि महालक्ष्मी को स्वयं के हस्ताक्षर से जारी की गई सूची के आधार पर विमर्श पोर्टल पर दर्ज कर दिया। आवेदन में बताया कि माह अगस्त 18 की स्थिति में उपस्थिति के आधार पर तोड़ा क्रमांक 1 में 154 बच्चे उपस्थित थे, जबकि महालक्ष्मी में यह आंकड़ा 141 पर ही था, बावजूद इसके शिक्षा अधिकारी ने महालक्ष्मी को एकर शाला बना दिया। प्रधानाध्यापक ने मामले में उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की।
परीक्षा शुल्क के नाम पर लाखों वसूल कर चुके हैं शिक्षा अधिकारी
उल्लेखनीय है कि राज्य शासन के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए जिला शिक्षा अधिकारी सदैव ही अपनी जैब भरने के लिए चर्चित रहते हैं। यही कारण है कि पूर्व में भी जिला शिक्षा अधिकारी परीक्षा शुल्क के नाम पर अपने अधीनस्थों के माध्यम से लाखों रुपए का खेल कर चुके हैं, लेकिन मामले में जिम्मेदारों द्वारा ठोस कदम नही उठाए जाने की वजह से शिक्षा अधिकारी पर अब तक कार्रवाई नही हो सकी है और इसीके चलते उनकी मनमानी जारी है। गौरतलब है कि अगस्त 2018 में शाजापुर जिला शिक्षा अधिकारी कैलाश ने शासन की मनाही के बाद भी विद्यार्थियों से नामांकन और परीक्षा शुल्क के नाम पर लाखों रुपए की वसूली की। बाले-बाले ढंग से अवैध तरीके से शिक्षा अधिकारी ने स्कूलों में मौजूद अपने अधीनस्थों के माध्यम से जिलेभर के विद्यार्थियों से नामांकन और परीक्षा शुल्क के नाम पर करीब 60 लाख रुपए से अधिक की राशि वसूली करली, लेकिन यह मामला जिम्मदारों की उदासीनता के चलते फाईलों में दबकर रह गया है। जिम्मेदारों की इसी उदासीनता के कारण अब शिक्षा अधिकारी ने राज्य शिक्षा केंद्र के एकर शाला वाले आदेश का भी उल्लंघन करते हुए अपनी मर्जी के अनुरूप एकर शाला का नाम विमर्श पोर्टल पर दर्ज कर दिया है।
मैं अभी बात नही कर सकता
मैं अभी मीटिंग में हूं इसलिए परीक्षा शुल्क वसूली और एकर शाला के मामले में कुछ भी बात नही कर सकता हूं।
-कैलाश राजपूत, जिला शिक्षा अधिकारी शाजापुर।