Fri 03 12 2021
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जैवविविधता संरक्षित करने के लिए संरक्षण संगोष्ठी तथा ग्रामीण सहभागिता मूल्यांकन बैठक सम्पन्न।

जैवविविधता संरक्षित करने के लिए संरक्षण संगोष्ठी तथा ग्रामीण सहभागिता मूल्यांकन बैठक सम्पन्न।

शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय शाजापुर द्वारा स्थानीय जैवविविधता संरक्षण हेतु जनपद स्तर पर लोक जैवविविधता पंजी निर्माण का कार्य जैवविविधता (BMC) प्रबंधन समिति तथा ग्रामीण नागरिकों के सहयोग से किया जा रहा है। इसी अनुक्रम मे ग्राम टुकराना में ग्रामीण सहभागिता मूल्यांकन बैठक आयोजित की गई बैठक में उत्कृष्ट विद्यालय शाजापुर प्रचार्य  के के अवस्थी प्रोजेक्ट इंवेस्टिगेटर ओम प्रकाश पाटीदार, सहायक प्रोजेक्ट इन्वेस्टिगेटर बनवारी लाल बैरागी, प्राचार्य शासकीय हाई स्कूल टुकराना कैलास चौहान ने स्थानीय जैवविविधता संरक्षण के लिए उपस्थित ग्रामीणो तथा जन शिक्षा केन्द्र टुकराना के शिक्षको से चर्चा की तथा जैवविविधता की जानकारी प्राप्त की इस दौरान 97 वर्षीय बुजुर्ग बद्रीलाल शर्मा ने बताया कि ठुकराना व इसके आसपास के क्षेत्रों में बरगद, पीपल, महुवा, सेमल, कबीट, बैर, करौंदा तथा बिल के वृक्ष बहुत बड़ी संख्या में पाये जाते थे। उन्हेंने बताया कि पहले बुखार आने पर नाय (नाव)  का काढ़ा पिलाने से रोगी बहुत जल्द स्वस्थ्य हो जाते थे।

गांव के रामेश्वर पटेल ने बताया कि इस क्षेत्र में सफेद ज्वार, कपास की खेती की जाती थी। आसपास के जंगलों से नाहर (शेर) के दहाड़ने की आवाज़ आना बहुत सामान्य बात थी।
समय के साथ धीरे-धीरे अनेक वनस्पतिया तथा जीव जंतु या तो नष्ट हो गए या बहुत कम संख्या में बचे हैं। मांसाहारी जीव कम हो जाने से हिरण तथा नीलगाय (रोजड़े) की तेजी से बढ़ती संख्या से बढ़ रही है, इसकी बढ़ती संख्या के लिए अभ्यारण्य न होने से यह फसल को नुकसान पहुंचा रहे है। पहले इस क्षेत्र में उपस्थित गिद्ध मृत पशुओं को एक दिन में चट कर वातावरण को साफ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे। कार्यक्रम में स्थानीय लोगो द्वारा अपने पारंपरिक ज्ञान के आधार पर बहुत से बीमारियों का इलाज किया जाता था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य के के अवस्थी ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रत्येक जनपद क्षेत्र की जैवविविधता पंजी तैयार की जा रही है। लोक जैवविविधता पंजी किसी क्षेत्र का वह दस्तावेज होगा जिसमें उस क्षेत्र में विद्यमान सभी जीव संसाधनो , स्थानीय संस्कृति, बाजार इत्यादि की जानकारी दर्ज की जावेगी।
जैवविविधता पंजी के बारे में प्रोजेक्ट इन्वेस्टिगेटर ओम प्रकाश पाटीदार तथा बनवारी लाल बैरागी में बताया कि इस पंजी में जंगली वृक्ष, झाड़ियां,कंद, घास, लताये, इमारती लकड़ी वाले वृक्ष, औषधीय महत्व की वनस्पति, फसली पौधे, खरपतवार,उद्यानिकी फ़सल, सजावटी पौधे,वन्य जीव,पक्षी तथा  मछलियो की जानकारी एकत्रित की जा रही है।
कार्यक्रम में उपस्थित बुजुर्ग गेंदालाल ने मांच शैली में पुराणिक गाथा सुनाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया कार्यक्रम का संचालन शिक्षक मोहित दवे ने किया तथा आभार जनशिक्षक महेश शर्मा ने व्यक्त किया।

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