Tue 24 05 2022
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शाजापुर के गौतम एयर फोर्स में बनेंगे फ्लाइंग ऑफिसर

शाजापुर के गौतम एयर फोर्स में बनेंगे फ्लाइंग ऑफिसर

शाजापुर। भारतीय रक्षा सेनाओं में अधिकारी के रूप में चयनित होने की प्रक्रिया से आमजन को जागरूकता करने के उद्देश्य से शहर के निजी होटल में मां टूटोरियल द्वारा रविवार को प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेसवार्ता को मां टूटोरियल के डायरेक्टर पंकज भट्ट एवं हाल ही में एनडीए के लिए चयनित हुए टूटोरियल के स्टूडेंट गौतम राठौर, एसएसआर नेवी परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले राहुलसिंह राजपूत ने संबोधित किया। राहुल जिले के गांव बोरलाय बांध के रहने वाले हैं। वहीं राठौर फरवरी 2022 में एनडीए जाईन करने जा रहे हैं। शहर के काछीवाड़ा में रहने वाले राठौर ने पत्रकारवार्ता में बताया कि उन्होने एनडीए की तैयारी के लिए पहले से ही मन बना लिया था, क्योंकि उनके पिता महेश राठौर का सपना था कि गौतम भारतीय रक्षा सेनाओं में एक अधिकारी बनें। राठौर ने बताया वे अपनी स्कूल की पढ़ाई के साथ ही यूपीएससी द्वारा आयोजित एनडीए की परीक्षा की तैयारी में लग गए थे। लिखित परीक्षा एवं एसएसबी इन्टरव्यू की तैयारी के लिए उन्होने अपनी लाईफ स्टाईल में समय का भरपूर उपयोग करने की आदत डाली और अपने निजी व्यवहार में भी एक अधिकारी के रूप में खुद को महसूस करना, उसी तरीके से अपने जीवन को आगे बढ़ाने की कोशिश की। राठौर ने बताया कि मां टूटोरियल में तैयारी के दौरान पढ़ाई के साथ-साथ निजी जीवन के मौलिक कर्तव्य को समझाया गया और उसी पर चलना सिखाया गया। आत्म विवेचन करना, दूसरों को सहयोग करना और जिम्मेदारी का एहसास होना यह एक अधिकारी सबसे महत्वपूर्ण गुण होते हंै। गौतम ने बताया कि उसने एनडीए की लिखित परीक्षा भोपाल में दी। लिखित परीक्षा पास करने के बाद उसने 3 एफएसबी गांधीनगर में दिया। अब वह वह एनडीए 147 के लिए रिकमंडेड हुए हैं। उन्होने सीपीएसएस देहरादून से क्लियर किया और मेरिट लिस्ट में रैंक 152 प्राप्त की और अब वे एसएसबी और मेडिकल क्लियर होने के बाद फरवरी 2022 में एनडीए 147 कोर्स जाईन करने नेशनल डिफेन्स एकेडमी खडक़वासला पूणे जा रहे हैं। वो अपनी सफलता का श्रेय मां टूटोरियल एवं माता-पिता को देते हैं। राहुलसिंह राजपूत पिता मंगूसिंह राजपूत ने चर्चा में बताया कि वे शाजापुर जिले के गांव बोरलाय बांध के रहने वाले हैं। उन्होने एसएसआर नेवी की परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। राहुल शाजापुर जिले के गांव बोरलाय बांध के पहले ऐसे विद्यार्थी हैं जिन्होने एसएसआर नेवी की परीक्षा में सफलता हासिल की है। इससे पहले इस गांव से विद्यार्थियों ने आर्मी तो ज्वाइन कि है, परन्तु नेवी में जाने के लिए अब इस गांव से भी रास्ते खुल गए हैं। पे्रसवार्ता के दौरान राहुल के पिता मंगूसिंह राजपूत ने बताया कि ये एक सपने के पूरा हो जाने जैसा है, जो उनके परिवार के लिए गर्व की बात है। राहुल ने कहा कि कोचिंग में नियमित 12 बजे से शाम को 8 बजे तक क्लासेस अटेंड की। साथ ही रोज संस्था से मिलनेवाली प्रैक्टिस शीट को साल्व करके ही लक्ष्य को हासिल करने में वे कामयाब हो सके हैं। राहुल ने कहा कि जब कोई समस्या आती थी तो डाउट क्लीयरिंग सेशन में फैकल्टी द्वारा उसका समाधान मिलता था। पत्रकारों से चर्चा के दौरान मां टूटोरियल के डायरेक्टर पंकज भट्ट ने बताया कि 21 साल पहले जब उन्होने मां टूटोरियल स्टार्ट किया था उसी समय मध्यप्रदेश रक्षा सेनानियों के प्रति जागरूकता का स्टार्ट बहुत कम था। जब एनडीए में चयनित छात्रों की सूची आया करती थी तो उसमें मध्यप्रदेश का स्थान बहुत पीछे हुआ करता था, लेकिन आज मध्यप्रदेश के विद्यार्थी लगातार अधिकारी बन रहे हैं। परीक्षा तैयारी कर रहे हैं, सफल हो रहे हैं और इस क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश को गौरवान्वित कर रहे हैं।
साल में दो बार होती है चयन परीक्षा
पत्रकारों से चर्चा में चयन प्रक्रिया की जानकारी देते हुए पंकज भट्ट ने बताया कि एनडीए की परीक्षा यूपीएससी द्वारा साल में दो बार आयोजित की जाती है। पहले लिखित परीक्षा होती है जो बच्चे लिखित परीक्षा पास कर लेते हैं, उन बच्चों को पांच दिन के एसएसबी इन्टरव्यू के लिए बुलाया जाता है। एसएसबी इन्टरव्यू पांच दिनों तक चलने वाली चयन परीक्षा है जिसमें एक स्टूडेंट के सम्पूर्ण व्यक्तिव का परीक्षण किया जाता है। ये तीन भागों में बटा हुआ है, जिसमें सायक्लोजिकल टेस्ट, गु्रप टेस्ट एवं पर्सनल इन्टरव्यू है। पांच दिनों में एक स्टूडेंट के अंदर लगभग 15 ऑफिसर लाईफ क्वालिटी तलाशी जाती है और जो स्टूडेंट इन क्वालिटीस के माध्यम से फिजीकली, मेंटली और मेडिकली फिट होते हैं उन्हे मौका मिल सकता है। इस देश की सेवा एक अधिकारी के रूप में करने का उसके उपरांत मेडिकल टेस्ट होता है और मेरिट लिस्ट आने के बाद जो बच्चे मेरिट में होते हैं उन्हें खडक़वासला पूणे स्थित सात हजार एकड़ में फैले नेशनल डिफेन्स एकेडमी में दाखिला मिलता है, जहां से ये बच्चे रक्षा सेनाओं की ट्रेनिंग के साथ-साथ अपने ग्रेज्युएशन की पढ़ाई जेएनयू दिल्ली की डिग्री के साथ करते हैं। वहां ग्रेज्युएशन कम्पलीट होने के बाद स्टूडेन्ट को एक साल की बेसिक ट्रेनिंग मिलती है और फिर यह भारतीय थल सेना, जल सेना, या वायु सेना में अधिकारी के रूप में कार्य करते हैं। इस पूरी प्रक्रिया का सम्पूर्ण खर्चा भारत सरकार उठाती है। गौतम राठौर इंडियन एयरफोर्स की फ्लाइंग ब्रांच ज्वाइन करने जा रहे हैं जिसके लिए भारत सरकार उनकी ट्रेनिंग पर लगभग 12 करोड़ रुपए का खर्चा करेगी। यह हिन्दुस्तान में मौजूद कैरियर विक्लपों में सर्वप्रथम है। एनडीए से एक विद्यार्थी बीए, बीएससी और इंजिनीयर भी कर सकता है। मां टूटोरियल पिछले 21 वषो्रं से एनडीए, सीडीएस,  एफकेट, एसएसआर आर्मी, नेवी, एयरफोर्स, सैनिक स्कूल, मिलेट्री स्कूल की लिखित परीक्षा, फिजीकल ट्रेनिंग एवं एसएसबी इन्टरव्यू की सम्पूर्ण तैयारी करा रही है।

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