Wed 18 05 2022
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गोचर भूमि पर अवैध कब्जा कर उगाई जा रही फसल, शिकायत के बाद भी जिम्मेदार नही कर रहे कार्रवाई

गोचर भूमि पर अवैध कब्जा कर उगाई जा रही फसल, शिकायत के बाद भी जिम्मेदार नही कर रहे कार्रवाई

शाजापुर। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा गोवंशों के लिए गोशालाओं का निर्माण कराया जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण गोवंशों के लिए आवंटित सरकारी चरनोई भूमि पर दबंगों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। भूमि पर हुए इस अतिक्रमण की ग्रामीणों के साथ ही गोशाला संचालक द्वारा पांच सालों से लगातार शिकायत की जा रही है, लेकिन जिम्मेदार मामले में गंभीरता नही दिखा रहे हैं, जिसके कारण गोशाला प्रबंधन पर आर्थिक भार भी बढ़ रहा है। जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के कारण अब ग्रामीणों ने आंदोलन की तैयारी कर ली है। समीपस्थ ग्राम जाईहेड़ा के ग्रामीण बीते पांच साल से गांव की गोचर भूमि पर हुए अवैध अतिक्रमण को हटाने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होने तहसीलदार से लेकर कलेक्टर तक को कई बार शिकायत की, परंतु किसी भी अधिकारी ने गोचर की भूमि से अतिक्रमण हटाने की जहमत नही उठाई। नतीजतन चरनोई की भूमि पर अवैध रूप से खेती किसानी का कार्य जारी है। ग्रामीणों ने बताया कि सबसे पहले उन्होने 30 अक्टूंबर 2017 की जन सुनवाई में चरनोई भूमि पर हुए अवैध अतिक्रमण की शिकायत की। इसके बाद 2 जुलाई 21, 7 जुलाई 21, 14 जून 21, 14 फरवरी 22 को भी लिखित में शिकायत कर अवैध कब्जा हटाने की मांग की, परंतु कोई सुनवाई नही की गई।
पांच वर्षों से है अवैध कब्जा
ग्राम जाईहेड़ा की सरकारी गोचर भूमि पर दबंगों ने बीते पांच वर्षों से अवैध कब्जा किया हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होने तहसीलदार शाजापुर और कलेक्टर कार्यालय को लिखित में शिकायत की है कि गांव में शासकीय भूमि सर्वेे नंबर 330/1 और 330/2 रकबा 1.050 गोचर के नाम पर दर्ज है। उक्त भूमि पर भगवतसिंह पिता दुलेसिंह और लक्ष्मीनारायण पिता लालजीराम द्वारा अवैध ढंग से अतिक्रमण कर खेती किसानी की जा रही है। गोचर भूमि पर अवैध कब्जा होने से गांव की श्रीदेवनारायण गोपाल गोशाला की 130 गायों के लिए चारा-पानी के लिए प्रतिवर्ष लाखों रुपए खर्चा करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि शिकायत के बाद भी मामले में कार्रवाई नही की जा रही है जिसके चलते अब आंदोलन किया जाएगा।
पांच वर्ष बाद बनाया पंचनामा, फिर भी अतिक्रमण बरकरार
उल्लेखनीय है कि ग्राम जाईहेड़ा स्थित शासकीय गोचर भूमि पर अवैध अतिक्रमण की शिकायत बीते पांच वर्षों से ग्रामीणों के द्वारा प्रशासन से की जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि लगातार शिकायत के बाद गांव के पटवारी ने जनवरी 22 में अवैध अतिक्रमण का पंचनामा बनाया था, लेकिन इसके बाद मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया और यही कारण है कि उक्त गोचर भूमि पर अतिक्रमण बरकरार है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होने सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत की है, परंतु वहां से भी कोई सुनवाई नही हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने की मांग की है।

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