Sat 31 10 2020
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बाइक सवार मुरम के ढेर में टकराया एक की मौत

बाइक सवार मुरम के ढेर में टकराया एक की मौत

फोरलेन पर बाइक सवार मुरम के ढेर में टकराया एक की मौत दूसरा गंभीर घायल
एक घंटे बाद आई पुलिस तीन घंटे बाद उठाया शव

मक्सी. सोमवार की रात बाइक सवार मक्सी से अपने गांव नैनावद जा रहा था गोलवा के समीप फोरलेन के ऊपर मुरम के ढेर से बाइक सवार टकरा गया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई व दूसरा गंभीर घायल हो गया।
 प्राप्त जानकारी के अनुसार बाइक सवार मक्सी से नैनावद  जा रहा था सोमवार रात 8 बजे गोलवा के समीप मुरम के ढेर से हादसा हो गया जिससे जयराम 55 वर्ष निवासी नैनावद की मौके पर ही मौत हो गई एव दिनेश शाजापुर गंभीर घायल हो गया। घटना की सूचना जब मक्सी पुलिस ओर डायल 100 को दी गई तो वहां एक घंटे में पहुंची जबकी कुछी ही किलोमीटर की दूरी पर दुर्घटना स्थल था मक्सी से गोलवा पहुंचने में मात्र 5 मिनट का समय लगता है। लेकिन पुलिस की लापरवाही के चलते डायल 100 एक घंटे में पहुंची जिससे ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और पुलिस को खूब खरी-खोटी सुनाई।
कंपनी की लापरवाही से हो रही है रोजाना दुर्घटनाएं
फोर लेन कार्य के चलते जगह जगह बनाये गए डायवर्सन जिसका कुछ दुर पहले से ही दिशा निर्देश के लिए रेडियम,बोर्ड लगे होना चाहिए पर कंपनी की मनमर्जी के चलते प्रशासन भी नतमस्तक हे। और इस और बिल्कुल ध्यान नही दे जिसके चलते रोज हादसे हो रहे हे पर जिम्मेदार मोन धारण किये हुए जिसका खामयाजा वहान चालकों को अपनी जान देकर चुकाना पढ़ रहा गोलवा गांव के पास डायवर्सन के लिए बनाया गया मुरम का ढेर जिसमे बाइक सवार सामने से आ रहे वहान से बचने के चक्कर में  मुरम के ढेर में जा घुसे जिससे बाइक सवार की मोके पर ही मोत हो गयी जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया इसकी सुचना जब ग्रामीणों द्वारा  डायल 100 को सूचना करने के बाद एक घंटे में मोके पर पहुंची जिससे ग्रामीण उन पर बरस उठे और खूब खरी खोटी सुनाई और डायल 100 से उनको शाजापुर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। कई बार 108 मरीजों को रेफर करने उज्जैन इंदौर देवास चली जाती है ऐसे में एकमात्र सहारा डायल 100 का बचता है। पर वाह भी समय पर नहीं पहुंचती है। शासन ने आम लोगों की सुविधा के लिए डायल 100 चलाई पर कई बार जरूरतमंदों को इसकी सहायता नहीं मिल पाती है सुचना के बाद लगभग एक घंटे का समय क्यों लगा जबकि थाने से मात्रा कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर ही घटनास्थल था।
एक दिन पूर्व मुरम के ढेर से टकराई थी बोलेरो
जिस जगह पर बाइक सवार काल के गाल में समा गया उसी जगह पर एक दिन पूर्व उसी मुरम के ढेर से एक अधिकारी की बोलेरो टकराई थी। सूचना के महज बाद 5 मिनट में ही पुलिस और अन्य गाड़ियां पहुंच गई थी इसी बात से नाराज होकर ग्रामीणों ने बताया कि कि जब कोई गरीब मरता है तो पुलिस घंटों नहीं आती है और जब किसी अधिकारी की गाड़ी टकराती है तो पुलिस 5 मिनट के अंदर ही पहुच जाती है ऐसे में पुलिस पर सवाल उठना लाजमी है।
घटना के बाद डर कर कंपनी ने हटा दिया मुरम का ढेर
घटना के बाद कंपनी ने डरकर मुरम का ढेर हटा दिया और उस जगह पर मिट्टी की बोरियां भरकर रख दी ओर उन पर रेडियम चिपका दिया। अगर यह कार्य समय से पहले कर लेते तो कई दुर्घटनाएं और मौत ना होती लेकिन कंपनी ने लापरवाही बरतते हुए मुरम के ढेर पर ध्यान नहीं दिया जिससे एक बाइक सवार की मौत हो गई मृतक के परिजन ने भी कंपनी पर मामला दर्ज करवाने के लिए तीन घंटे तक मृतक का शव उसी जगह रखकर पुलिस से मांग करते रहे कि कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए पर पुलिस ने उस समय उनको शांत कर दिया लेकिन जब वह अगले दिन मंगलवार को मक्सी थाने पर पहुंचे तो कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया और मर्ग कायम कर जांच में ले लिया जिससे परिजन काफी नाराज नजर आए।