Thu 19 05 2022
Home / Breaking News / धर्म के नाम पर पाखंड धर्म की हानि है श्री नागर भाई जी
धर्म के नाम पर पाखंड धर्म की हानि है श्री नागर भाई जी

धर्म के नाम पर पाखंड धर्म की हानि है श्री नागर भाई जी

मक्सी -भगवान शिव का परिवार सदियों से भारतीय संस्कृति के मूल्यों और परिवार प्रथा का प्रेरणास्रोत रहा है मां पार्वती के प्रति शिव का सम्मान और शिव के प्रति पार्वती की अगाध श्रद्धा इस दौर के परिवारिक जीवन के लिए अचूक मंत्र हैं शिव परिवार समाज और संसार को समन्वय सद्भाव और प्रेम से रहना सिखाता है भक्ति प्रेम हे सेवा है सहजता है और सरलता है यह  विचार ग्राम बरदू  में आयोजित एक दिवसीय अमृतवाणी सत्संग में श्री राम शरणम् देवास के इंदर सिंह नागर भाई

जी ने व्यक्त किए उन्होंने कहा कि भगवान शिव राम से कहा बार-बार वर मांगहू  हरसी देहु  श्रीरंग पद सरोज अनपाईनी भक्ति सदा सत्संग हे राम मुझे आपके चरणो में प्रेम और आपकी भक्ति दीजिए सीव निरन्तर राम नाम का सिमरन करते हैं तथा माता पार्वती को भी समझाते हैं कि सुमुखी एक राम नाम हजारों नाम के बराबर है तुम राम नाम जपो तारक मंत्र राम है जिसका सफल अपार इस मंत्र के जब से निश्चित बने निस्तार राम का भी शिव के प्रति बड़ा सम्मान है लंका जाने के पूर्व रामेश्वर की स्थापना की भगवान शिव कैलाश पर बैठकर जब ध्यान करते हैं जगत के कल्याण हेतु सदा तत्पर रहते हैं हम घर को तपोवन बनाएं बच्चों को संस्कार दें वीर बनाएं कलयुग में नाम सिमरन सर्वश्रेष्ठ भक्ति हैं भ्रम भय भांति ईश्वर तक नहीं पहुंचते देते हैं भटकने नहीं बैठने से साधना करने से अनुभूति होती हैं अमृतवाणी अमृतवाणी का नित्य गाना राम राम मन बीच रमाना परिणीता वाघलेते एवम दिनेश व्यास ने मधुर भजन प्रस्तुत किए अंत में राम आरती हुवे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*