Fri 03 12 2021
Home / Breaking News / दलित परिवार को पेड़ से बांधे जाने के मामले में पुलिस पर लीपापोती का आरोप
दलित परिवार को पेड़ से बांधे जाने के मामले में पुलिस पर लीपापोती का आरोप

दलित परिवार को पेड़ से बांधे जाने के मामले में पुलिस पर लीपापोती का आरोप

समाजसेवी ने दी आंदोलन की चेतावनी, पूर्व मुख्यमंत्री ने गठित किया जांच दल
शाजापुर। दलित परिवार को पेड़ से बांधे जाने की घटना में एक बार फिर नया मोढ़ आ गया है और पीडि़त परिवार के साथ ही समाजसेवियों ने भी पुलिस जांच पर सवालिया निशान खड़े करते हुए मामले में लीपापोती करने का आरोप जिम्मेदारों पर लगाया है। गौरतलब है कि गतदिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें दबंगों ने ग्राम बिजाना में रहने वाले सिद्धनाथ पिता भेराजी के परिवार के साथ जमीन विवाद को लेकर मारपीट कर उन्हे पेड़ से बांध दिया था। इस वीडियो के वायरल होने पर पुलिस अधीक्षक पंकज श्रीवास्तव ने जांच के आदेश दिए थे और 1 जुलाई को एसडीओपी दीपा डोडवे ने वीडियो को कूटरचित बताते हुए फर्जी करार दिया था। एसडीओपी डोडवे और मोहन बड़ोदिया थाना प्रभारी आरसी अवास्या ने दावा किया था कि उनके द्वारा मौका मुआयना करने पर घटना के कोई साक्ष्य नही मिले और न ही वहां कोई पेड़ मिला। एसडीओपी के इस दावे के बाद पीडि़त परिवार और समाजसेवी राधेश्याम मालवीय ने एक वीडियो और सोशल मीडिया पर वायरल किया जिसमें बताया गया है कि जिस पेड़ से दबंगों ने दलित परिवार को बांध दिया था उसे पुलिस की मिलीभगत से काटकर मिट्टी के ढेर में छिपा दिया गया। अब सवाल यह उठता है कि पुलिस ने जांच के दौरान पहले तो खेत में पेड़ नही होने का दावा किया था, वहीं अब जबकि पेड़ कटाई का वीडियो वायरल हो गया है तो पुलिस इस मामले में टालमटोल जवाब दे रही है। यही कारण है कि पहले जो पुलिस खेत पर पेड़ नही होने की बात कह रही थी, वही पुलिस अब खेत पर पेड़ को काटे जाने की बात स्वीकार कर रही है, लेकिन यहां पेड़ कटाई का आरोप पीडि़त परिवार पर ही लगाया जा रहा है। टीआई अवास्या का कहना है कि दलित परिवार के लोग पेड़ को काटकर ले गए हैं, जिसकी शिकायत थाने पर आई है।
न्याय नही मिला तो करेंगे आंदोलन
दलित परिवार के साथ जमीन विवाद को लेकर मारपीट कर पेड़ से बांधे जाने की घटना को पुलिस द्वारा फर्जी बताए जाने के बाद से समाजसेवी पीडि़त परिवार को न्याय दिलाने के लिए मैदान में उतर आए हैं। यही कारण है कि समाजसेवी राधेश्याम मालवीय मामले की तह तक पहुंचने के लिए ग्राम बिजाना के विवादित खेत पर जा पहुंचे। मालवीय ने बताया कि खेत पर जिस पेड़ से दलित परिवार को बांधा गया था उस पेड़ को पुलिस की सांठगांठ से जांच से पहले ही काट दिया गया था। वहीं जब इस बात की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल की गई तो पुलिस ने आरोपियों को बचाने के लिए फिर से तैयारी शुरू कर दी और अब जिस पेड़ के नही होने की बात पुलिस कह रही थी, उसी पेड़ को काटे जाने की शिकायत मिलने का दावा पुलिस द्वारा किया जा रहा है। मालवीय ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि वे मामले की निष्पक्षता से जांच कराकर पीडि़त परिवार को न्याय दिलाएं, अन्यथा जिलेभर में आंदोलन किया जाएगा।
कमलनाथ ने गठित की जांच टीम
ग्राम बिजाना में दलित परिवार के साथ मारपीट कर पेड़ से बांधे जाने की वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई और मामला पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ तक भी जा पहुंचा। इधर कमलनाथ ने मामले की जांच के लिए टीम का गठन किया जो पांच दिनों में कांग्रेस प्रदेश कार्यालय पर जांच रिपोर्ट सौंपेगी। जांच के बाद संभवत: कांग्रेस भी दलित परिवार को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन कर सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*