Fri 10 07 2020
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10 साल बाद हुई मुख्यमंत्री षिवराजसिंह चैहान की अधूरी घोषणा

10 साल बाद हुई मुख्यमंत्री षिवराजसिंह चैहान की अधूरी घोषणा

– बरसों से लंबित पड़ा था मोरटाकेवड़ी का हाईस्कूल भवन, पिछले दिनों प्रभारी मंत्री दिपक जोषी ने 1 करोड़ से बनने वाले भवन का भुमिपूजन कर की बच्चों की मंषा पुरी
पोलायकलाॅ । लगभग 10 वर्ष पहले प्रदेष के मुखिया मुख्यमंत्री षिवराजसिंह चैहान जनदर्षन यात्रा के दौरान गांव मोरटाकेवड़ी आए थे। रात्रि विश्राम यहीं पर करने के बाद अगले दिन उन्होंने करोड़ों की राषि से बनने वाले क्षेत्र में कई षासकीय भवनों के साथ गांव में हाईस्कूल भवन निर्माण की घोषणा भी की थी और कहा था कि मेरे भांजे भांजियों को अब आगे की पढ़ाई के लिए गांव से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। मामा की घोषणा के बाद भांजे भांजियों के मन में अपनी बेहतर पढ़ाई की उमंग पैदा हो गई थी। लेकिन पिछले 10 बरसों से गांव में स्कूल भवन निर्माण के नाम पर एक ईंट भी नहीं जूड़ने के कारण बच्चों की उम्मीदें पस्त होने लग गई थी। समय गुजरता गया, दिन माह और माह साल में बदलता गया। और देखते ही देखते ही पुरे 10 साल बित जाने के बाद भी मामा षिवराजसिंह चैहान की अधूरी घोषणा धरातल पर मुर्तरूप लेने में कामयाब नहीं हो पा रही थी। इसी बीच गांव के युवाओं व कुछ वरिष्ठजनों ने बच्चों को हिम्मत बंधाई और वे समय पर मिड़िया व प्रदर्षन के माध्यम से अपनी मांग को मजबूती के साथ उठाते रहे। और आखिरकार चुनावी वर्ष नजदीक आते ही मामा को अपने भांजे भांजियों की याद आ ही गई। जिसके चलते पिछले दिनों प्रभारी मंत्री दिपक जोषी ने क्षेत्रिय विधायक इंदरसिंह परमार के साथ गांव पहंुच कर 1 करोड़ से बनने वाले स्कूल भवन का भुमिपूजन कर प्रदेष के मुखिया मुख्यमंत्री षिवराजसिंह चैहान की अधूरी घोषणा को भी पुरा कर दिया और बच्चों को नए स्कूल भवन की सौगात भी दे दी।
ग्राम पंचायत और पार्टी की गुटबाजी के बिच हुआ भुमिपूजन का आयोजन – पिछले दिन रविवार को गांव में नवीन हाईस्कूल भवन का भुमिपूजन भी हो गया। तो वहीं गांव के चमत्कारी स्थान हिमालेष्वर महादेव मंदिर परिसर में बने द्वार का लोकार्पण भी किया गया। लेकिन इसी बीच ग्राम पंचायत बाॅड़ी व पार्टी के पदाधिकारियों की गुटबाजी भी सामने आई। इतना ही नहीं कार्यक्रम का आयोजन ग्राम पंचायत के द्वारा ही किया गया। लेकिन इसके बावजूद भी हाईस्कूल भवन के भुमिपूजन वाले षिलालेख पर कहीं भी पंचायत की मुखिया सरपंच सीमा दांगी का नाम नहीं था। कार्यक्रम के संचालन को लेकर भी खुलेआम मंच पर खिंचतान जारी रही। यह सब देख विधायक इंदरसिंह परमार ने खूद माईक हाथ में लेकर संचालन करना प्रारंभ कर दिया।
कार्यक्रम पांड़ाल रहा खाली, 50 लोगों की संख्या में सिमट गया बड़ा आयोजन- आयोजन वाले इस दिन गांव में गुटबाजी सिरमोर रही। जहां एक ओर ग्राम पंचायत कार्यक्रम को सफल बनाने का प्रयास करती रही तो वहीं पार्टी के कार्यकर्ता अपने अपने रूबाब को झाड़ने में बाज नहीं आए। यही कारण रहा कि ग्रामीणजनों का इस आयोजन से पुरी तरह मोहभंग हो गया। भुमिपूजन स्थल का पांड़ाल पुरा खाली रहा, दुर रखी कुछ कुर्सियों पर बैठकर लगभग 50 लोग ही नेताओं को सुनते रहे। पार्टी के पदाधिकारी मंच के पिछे ही मिठाई लूटने मे मषगूल रहे, और पंड़ित के आने के पहले ही भुमिपूजन संपन्न हो गया। इसी खिचतान के चलते रविवार को हुवे लोकार्पण का पत्थर सोमवार की सुबह तक ही किसी ने उखाड़कर चकनाचूर कर दिया।