Sat 01 08 2020
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चाईल्ड लाईन टीम ने चायना डोर के दुष्प्रभाव के साथ 1098 की दी जानकारी

चाईल्ड लाईन टीम ने चायना डोर के दुष्प्रभाव के साथ 1098 की दी जानकारी

शाजापुर। मासिक गतिविधि के तहत चाईल्ड लाईन डायरेक्टर श्रीमती गायत्री विजयवर्गीय के मार्गदर्शन में नाइट आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसके तहत चाईल्ड लाईन टीम ने शुक्रवार को चौक बाजार, सोमवारिया बाजार, मीरकला बाजार में दुकानदारों तथा जन-सामान्य को जरूरतमंद बच्चों की सुरक्षा एवं देखभाल के लिए चलाई जा रही आपातकालीन सहायता सेवा टोल फ्री नंबर 1098 की जानकारी दी। इसके साथ ही साथ शहर में संचालित कोचिंग संस्थानों में भी बच्चों और शिक्षकों को चाईल्ड लाईन सेवा से अवगत कराया गया। इस मौके पर आमजन को बताया गया कि जब कहीं कोई बच्चा मुसीबत में हो, कोई बच्चा घर से भाग गया हो या गुमशुदा हो गया हो तथा ऐसे बच्चे जो किसी कारण से विद्यालय नहीं जा रहे हैं। इन बच्चों की सहायता करने के लिए तुरन्त आपातकालीन टोल फ्री नंबर 1098 पर कॉल करें। साथ ही नाइट आउटरीच के दौरान टीम ने पतंग और मांजे के व्यापारियों से निवेदन किया कि वे चाईना डोर तथा कांच के मांझे का विक्रय नही करें, ताकि खतरनाक मांजे से होने वाले नुकसानों से बचा जा सके। इस दौरान जो बच्चे दुकानों पर मांझा और पतंग खरीद रहे थे, उन्हे भी समझाइश दी गई कि चाइना डोर और कांच के मांझे से पशुओं एवं पक्षियों को अधिक नुकसान पहुंचता है एवं पक्षियों की मौत तक हो जाती है, इसलिए वे
इसका प्रयोग नही करें। इस अवसर पर चाईल्ड लाईन को-आर्डिनेटर देवेन्द्र गोठी, काउंसलर श्रीमती सीमा शर्मा, टीम मेम्बर धर्मेन्द्र मालवीय, अभिषेक हरियाल, निकिता टेलर, अर्जुन गुर्जर, वॉलंटियर शुभम शर्मा उपस्थित थे।
प्रतिबंध के बावजूद बिक रही चायना डोर
उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी जिला प्रशासन ने चायना डोर के क्रय और विक्रय पर प्रतिबंध लगाया है, लेकिन इसके बाद भी शहर में बेखौफ होकर चायना डोर बेची और खरीदी जा रही है। जिला प्रशासन ने प्रतिबंध के बाद पतंग व्यापारियों के खिलाफ अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई भी नही की है, जिसकी वजह से व्यापारियों के हौंसले बुलंद हैं और वे मौत का मांझा बेच रहे हैं। हालांकि चाइल्ड लाइन सहित अन्य सामाजिक संगठन चायना डोर के लगातार दुष्प्रभाव भी आमजनों के साथ ही व्यापारियों को भी बता रहे हैं, किंतु इसके बाद भी चायना मांझे की खरीद-फरोख़्त पर पूर्ण रूप से रोक नही लग सकी है।

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