Sun 20 09 2020
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सीएए और एनआरसी के विरोध में शहर रहा बंद, बाजार में पसरा रहा सन्नाटा

सीएए और एनआरसी के विरोध में शहर रहा बंद, बाजार में पसरा रहा सन्नाटा

शाजापुर। केंद्र सरकार द्वारा देश में संविधान के साथ छेड़छाड़ कर जातिगत आधार पर लागू किए जा रहे सीएए और एनआरसी के काले कानून के खिलाफ भारत बंद अभियान अंतर्गत शाजापुर शहर भी पूर्णत: बंद रहा। हालांकि कुछ व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान खुले रखे, जिन्हे फूल देकर दुकान बंद किए जाने का अनुरोध भी किया गया। देश की सांप्रदायिक अखंडता को छिन्न-भिन्न करने वाले सीएए और एनआरसी कानून के विरोध में भारत बंद के आह्वान का असर बुधवार को शाजापुर में भी दिखाई दिया और बस स्टैंड के अलावा पूरे शहर का बाजार बंद रहा। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने सीएए कानून लागू किया है जिसके विरोध में जमीअत उलामा, भीम सेना, संविधान बचाओ मंच द्वारा भारत बंद का आह्वान किया गया और इसीके चलते नगर में व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। शहर के चौक बाजार, नर्ई सडक़, मीरकला बाजार, महूपुरा चौराहा, मगरिया सहित सभी बाजार बंद रहे और सुबह से लेकर दोपहर तक बाजार में दुकानों के बंद रहने से सन्नाटा पसरा रहा। बंद के दौरान किसी भी तरह की अशांति न फैले इसको लेकर प्रशासन भी पूरी तरह से मुस्तैद रहा और चप्पे-चप्पे पर पुलिसबल सुरक्षा व्यवस्था के लिए सतर्क दिखाई दिया।
देश को जातिगत आधार पर बांटना चाहती है सरकार
सीएए और एनआरसी को लेकर बंद का आयोजन सफल रहा और दलित सामाजिक संगठन के लोग मुस्लिम समाज के लोगों के साथ कांधे से कांधा मिलाकर आंदोलन में साथ रहे। दोपहर को सामाजिक संगठन के लोग हाउसिंग बोर्ड कालोनी स्थित बाबा साहब आंबेडकर पार्क पहुंचे और संविधान निर्माता की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर जय भीम का नारा लगाया। इस मौके पर मनोहरसिंह कटारिया ने कहा कि भारत में रहने वाले सभी लोग आपस में भाई-भाई हैं और यह सोहार्द की यह परंपरा हजारों वर्षों से चली आ रही है, लेकिन केंद्र सरकार इस भाईचारे को खत्म करने का प्रयास कर रही है और इसीके चलते सरकार ने धर्म के आधार पर सीएए जैसा काला कानून लागू किया है। कटारिया ने कहा कि बाबा साहब ने संविधान बनाकर सभी को स्वतंत्रता से जीने का अधिकार दिया, परंतु घृणित मानसिकता के आधार पर केंद्र सरकार जातिगत आधार पर देश से अल्पसंख्यकों को भगाना चाहती है, जिसे बर्दाश्त नही किया जाएगा। वहीं  प्रांतीय बलाई समाज के अध्यक्ष राधेश्याम मालवीय ने कहा कि सरकार देश की अखंडता को खंडित करने का सपना देख रही है, जिसे कभी पूरा नही होने देंगे। मालवीय ने कहा कि भारत में सभी धर्म संप्रदाय के लोग एकता के साथ रहते हैं और यह परंपरा आगे भी जारी रहेगी।

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