Sat 27 11 2021
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भारतीय किसान संघ ने बैंकों पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप, ज्ञापन सौंपकर दी आंदोलन की चेतावनी

शाजापुर। बैंक को सील किए जाने के मामले में पद से हटाए गए तहसीलदार मुन्ना अड़ के समर्थन में भारतीय किसान संघ मैदान में उतर आया है और इसीके चलते मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर अड़ को दोबारा से तहसीलदार पद पर काबिज किए जाने की मांग की है। साथ ही बैंक अधिकारी और कर्मचारियों पर भारतीय किसान संघ ने भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया है। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर दिनेश जैन के निर्देशन में तहसीलदार मुन्ना अड़ सहित अन्य प्रशासनिक अमले ने एसबीआई की मगरिया शाखा को सील कर दिया था। इस कार्रवाई के बाद बैंक यूनियन ने विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए बैंक के ताले खुलवाए और अड़ को तहसीलदार के पद से हटा दिया। प्रशासन द्वारा की गई इस कार्रवाई से नाराज होकर सोमवार को भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी-कार्यकर्ता कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर अड़ को दोबारा तहसीलदार का पद दिए जाने की मांग की। साथ ही मांग पूरी नही होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इस दौरान मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय वित्त मंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि वर्तमान समय में शासन द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना एवं लाकडाऊन के बाद एक लाख करोड़ के विशेष राहत पैकेज के तहत पशुपालकों को 3 लाख तक का ऋण, वेयरहाऊस निर्माण, रेहडी पटरी बालों को 10 हजार रुपए का ऋण तथा अन्य योजनाओं में ऋण देने का कार्य बैंकों द्वारा किया जाता है, लेकिन उपरोक्त योजना का लाभ लेना बैंक में बिना दलाल अघोधित कमीशन एजन्ट के संभव नही है, क्योंकि बैंक में बिना रिश्वत दिए किसी योजना में ऋण नहीं मिलता है। ज्ञापन में बताया कि 06 अक्टूबर 2020 को मुख्यमंत्री मप्र शासन द्वारा वन क्लिक पर 2019 खरीफ फसल बीमा की करोड़ रुपए की राशि किसानों के खाते में डाली गई थी, परंतु जिले के हजारों किसानों को बैंक द्वारा इसका लाभ नही दिया गया है। वहीं खरीफ वर्ष 2019 में 4221 किसानों से प्रीमियम राशि लेने के बाद भी बैंक द्वारा पोर्टल पर दर्ज नही की गई है जिसके कारण किसानों को करोड़ों रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है। बैंकों की उक्त अनियमितताओं से किसान संघ द्वारा लीड बैंक मैनेजर को अवगत कराया गया। किसान संघ ने अनेक बैंकों के सामने धरना प्रदर्शन एवं ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन को शिकायत की गई, लेकिन किसानों की सुनवाई नही की गई। नतीजतन बैंक के कर्मचारियों द्वारा किसानों को धक्के मारकर एवं अपमानित कर बैंक के बाहर कर दिया गया। ज्ञापन में मांग की गई कि बैंक तानाशाहीपूर्ण कार्र्यशैली के खिलाफ कार्रवाई की जाए, अन्यथा किसान संघ जिले में आंदोलन करेंगे।
बैंक ने यूनियन के दम पर कराई कार्रवाई
कलेक्टर कार्यालय ज्ञापन देने पहुंचे भारतीय किसान संघ ने बैंकर्स पर आरोप लगाया कि उन्होने यूनियन के दम पर तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई करवाई है, जिसके कारण पीडि़त बैंक ग्राहकों को सदमा पहुंचा है। ऐसे में किसान संघ मुख्यमंत्री एवं केन्द्र शासन के वित्तमंत्री से मांग करता है कि तहसीलदार को तत्काल पद दिया जाए और जिले के भ्रष्ट बैंकर्स की दादागीरी एवं तानाशाही पर रोक लगाई जाए। ज्ञापन देते समय मुकेश पाटीदार, ललीत नागर, दिलीप पाटीदार, अनिल पाटीदार, राजबहादुरसिंह गुर्जर, मोहन चौधरी, लखनसिंह, गोविन्द राजपूत आदि उपस्थित थे।

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