Fri 03 12 2021
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आशा, ऊषा कार्यकर्ताओं के आंदोलन को प्रजातांत्रिक समाधान पार्टी ने दिया समर्थन

आशा, ऊषा कार्यकर्ताओं के आंदोलन को प्रजातांत्रिक समाधान पार्टी ने दिया समर्थन

शाजापुर। सरकार की बेरूखी के चलते वर्षों से आर्थिक संकट का सामना कर रहीं आशा, ऊषा और आशा सहयोगिनी कार्यकर्ता अपनी जायज मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटी हुई हैं। वहीं कार्यकर्ताओं के समर्थन में अब प्रजातांत्रिक समाधान पार्टी, भीम आर्मी भी मैदान में उतर आई है और यही कारण रहा कि पार्टी पदाधिकारियों ने धरना स्थल पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया। गौरतलब है कि 1 जून से नियमितीकरण और समान कार्य के बदले समान वेतनमान सहित अन्य मांगों को लेकर जिलेभर की आशा, ऊषा और आशा सहयोगिनी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। कार्यकर्ताओं की 28 दिनों की हड़ताल होने के बाद भी उनकी मांगों को सरकार द्वारा पूरा नही किया गया है, जिसको लेकर कार्यकर्ता सोमवार को राजराजेश्वरी माता मंदिर परिसर में धरने पर जा बैठीं। कार्यकर्ताओं के इस आंदोलन का समर्थन करने प्रजातांत्रिक समाधान पार्टी अध्यक्ष राजेश गोयल, प्रभुलाल मंडोर, राजरतन सौराष्ट्रीय मंदिर परिसर पहुंचे और धरना देकर मांगें पूरी किए जाने की मांग सरकार से की। इस मौके पर पार्टी नेेता गोयल ने कार्यकर्ताओं को विश्वास दिलाते हुए कहा कि उन्हे न्याय दिलाने के लिए प्रजातांत्रिक पार्टी भोपाल से लेकर दिल्ली तक प्रदर्शन करने में साथ रहेगी।
इन मांगों को लेकर जारी है हड़ताल
उल्लेखनीय है कि आशा, ऊषा कार्यकर्ताओं की हड़ताल निरंतर जारी है और मांगें पूरी नही होने पर अब कार्यकर्ता धरने पर जा बैठी हैं। आशा, ऊषा संघ की अध्यक्ष रेखा मालवीय ने बताया कि सरकार से मांग की जा रही है कि आशा, ऊषा और आशा सहयोगिनी कार्यकर्ताओं को नियमीत किया जाए, कार्यकर्ताओं को शासकीय कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, आशा, ऊषा को 19 हजार रुपए मानदेय दिया जाए, कोविड 19 महामारी के दौरान काम कर रहीं आशा, ऊषा, आशा सहयोगिनी कार्यकर्ताओं और उनके परिवार का स्वास्थ्य खराब होने पर शासन द्वारा सरकारी एवं निजी अस्पताल में इलाज का खर्चा दिया जाए, कार्यकर्ताओं को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दस हजार रुपए, सुरक्षा सामग्री, शासन द्वारा सम्मान पत्र और परिवार के लोगों को अनुकंपा नियुक्ति का लाभ दिया जाएए कार्यकर्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार करने वाले दोषियों पर कड़ी कार्रवार्ई का प्रावधान किया जाए, निर्धारित योग्यता रखने वाली आशाए ऊषा एवं सहयोगिनी को छह माह का प्रशिक्षण देकर एएनएम के रिक्त पदों पर नियुक्त किया जाए, कार्यकर्ताओं को शासकीय कर्मचारियों की तरह निश्चित यात्रा भत्ता दिया जाए, दुर्घटना, मृत्यु, अपंग एवं अतिरिक्त परिस्थितियों में कार्यकर्ताओं को शासकीय कर्मचारियों की भांति भरण-पोषण हेतु पेंशन, आर्थिक सहायता एक मुश्त पांच लाख रुपए दिए जाए, दुर्घटना, बीमारी और प्रसव की स्थिति में कार्यकर्ताओं को मेडिकल प्रस्तुत करने पर पूरा मानदेय दिया जाए। धरना प्रदर्शन के दौरान भारती जाटव, रानू वर्मा सहित कार्यकर्ता उपस्थित थीं।

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