Sun 01 11 2020
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निराकरण नही होने पर आंदोलन की चेतावनी

निराकरण नही होने पर आंदोलन की चेतावनी

शाजापुर। मप्र प्रांतीय अशासकीय शिक्षण संस्था संघ जिला इकाई द्वारा विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। साथ ही मांगें पूरी नही होने पर उग्र आन्दोलन की चेतावनी भी दी गई। शुक्रवार को अशासकीय शिक्षण संघ के जिलाध्यक्ष दिलीप शर्मा के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई कि माध्यमिक शिक्षा मंडल एप में छात्रों से संबंधित सभी कार्य संस्थाओं द्वारा कराए जाएं, 15 दिन या 1 माह का मूल्यांकन नही बल्कि पहले की तरह 3 माह का मूल्यांकन किया जाए, राज्य शिक्षा केंद्र शुल्क प्रतिपूर्ति 2019-2020 तक पूर्ण कर विद्यालयों के खाते में जमा करे, मान्यता नवीनीकरण आवेदन की अंतिम तिथि 15 दिसंबर 2020 की जाए, क्योंकि वर्तमान में विद्यालय के पास अर्थाभाव है। शासन द्वारा अशासकीय विद्यालयों एवं शिक्षकों को आर्थिक सहायता के रूप में राहत पैकेज उपलब्ध कराया जाए। ज्ञापन सौंपते समय मुकेश गुर्जर, अमीषा गुप्ता, अभिमन्यु सक्सेना, दिनेश केलकर, इमरान मंसूरी, हरिहरसहाय सक्सेना, शाहनवाज खान सहित शाला संचालक उपस्थित थे।
आज करेंगे शिक्षक दिवस का बहिष्कार
उल्लेखनीय है कि अशासकीय शिक्षण संस्था संघ का आरोप है कि शासन द्वारा उनके साथ दमनकारी एवं षड्यंत्रकारी नीतियां अपनाई जा रही हैं। ऐसे में इस वर्ष सरकार की भेदभाव और तानाशाहीपूर्ण कार्यशैली को लेकर संघ द्वारा शिक्षक दिवस का बहिष्कार किया गया है। संस्था के दिनेश केलकर ने बताया कि बहिष्कार के चलते शिक्षक दिवस के मौके पर शनिवार को इस वर्ष समस्त निजी स्कूल के संचालक महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर सरकार की सद्बुद्धि की कामना करेंगे। संघ की सरकार से मांग है कि वह अपनी दमनकारी नीतियों को छोडक़र निजी स्कूल संचालकों के हित में निर्णय करे।

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