Fri 03 12 2021
Home / Breaking News / 22 मई को होगा कन्याओं का नि:शुल्क विवाह/निकाह सम्मेलन
22 मई को होगा कन्याओं का नि:शुल्क विवाह/निकाह सम्मेलन

22 मई को होगा कन्याओं का नि:शुल्क विवाह/निकाह सम्मेलन

– एकता ग्रुप द्वारा सर्वधर्म विवाह सम्मेलन की बैठक में लिया निर्णय
शाजापुर। शहर में एकता की मिसाल बना एकता ग्रुप का 1२वां सर्वधर्म विवाह सम्मेलन 22 मई को आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में हिंदू-मुस्लिम कन्याओं का नि:शुल्क विवाह एकता ग्रुप द्वारा कराया जाएगा। यह निर्णय गत दिनों आयोजित एकता गु्रप की महत्वपूर्ण बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता एडवोकेट काजी एहसानउल्लाह साहब ने की। बैठक में तय किया गया कि कोरोना वायरस के चलते प्रशासन के तत्कालीन निर्देशों का पालन किया जाएगा, साथ ही गाइड लाइन के मुताबिक कार्यक्रम को अंजाम दिया जाएगा।
एकता ग्रुप अध्यक्ष सैयद वकार अली ने बताया कि एकता ग्रुप की बैठक में तय किया गया है कि कन्याओं का नि:शुल्क सर्वधर्म विवाह सम्मेलन 22 मई को आयोजित किया जाएगा। अध्यक्ष वकार अली ने बताया कि सर्वधर्म सामूहिक विवाह सम्मेलन के सफल 11 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं। इस बार 12वां सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। जिसमें सभी धर्मों की गरीब बेटियों की शादी नि:शुल्क कराई जाएगी। काजी अहसानउल्ला साहब ने कहा कि गरीब बेटियों का नि:शुल्क विवाह करने का काम सराहनीय है। एकता गु्रप द्वारा अनेकों क्षेत्रों में गरीब, यतीम और बेसहारा लोगों की मदद भी की जाती है। उन्होंने कहा कि खुशी की बात यह है कि एकता गु्रप अपने सदस्यों के द्वारा ही तन, मन और धन से कार्यक्रम को पूरा करता है। जिसमें सभी धर्मों की बेटियों की नि:शुल्क शादी कराई जाती है।
बैठक में ग्रुप के सरपरस्त हाजी मसीत खां, दाऊद सेठ, उपाध्यक्ष संतोष शर्मा, सचिव शेख शाकिर बुशरा, इकबाल खान, जफर भाई ठेकेदार, डॉ. अशफाक मंसूरी, भय्यू मास्टर, बबलू श्रंगारिका, भय्या काजी, भय्यू मशीन, मोहसीन मिर्जा, चांद वारसी, इरफान पटेल, नबी भाई, जाकिर कुरैशी, वसीम गोल्डन, आबिद मंसूरी, अनीस कादरी, शराफत शीशगर, सकलेन अली, नदीम जावेद, सत्तार वेल्डर, हेदर अली आदि सदस्य मौजूद थे। यह जानकारी मीडिया प्रभारी अनीस खान ने दी।
सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल बना सम्मेलन
मीडिया प्रभारी अनीस खान ने बताया कि एकता ग्रुप द्वारा आयोजित सर्वधर्म विवाह सम्मेलन में साम्प्रदायिक सौहार्द की मिसाल देखने को मिलती है। इस आयोजन में एक ओर जहां फेरे लगाए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर निकाह पढ़ाया जाएगा। सम्मेलन में हिंदू-मुस्लिम दोनों ही समुदाय के लोग कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर कार्यकर्ता के रूप में काम करते हैं। यह आयोजन शहर में एकता की बड़ी मिसाल है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*