Sat 27 11 2021
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कोरोना महामारी से मेहफूज है दिल्लोद नागटेकरी के ग्रामीण, गांव से कौसो दूर है संक्रमण

कोरोना महामारी से मेहफूज है दिल्लोद नागटेकरी के ग्रामीण, गांव से कौसो दूर है संक्रमण

शाजापुर। कोरोना महामारी से देशभर में कोहराम मचा हुआ है और विपदा की इस घड़ी में हर कोई भयभीत नजर आ रहा है, लेकिन शाजापुर जिले का एक गांव ऐसा भी है जहां रहने वाले किसी भी परिवार को कोरोना का भय नही है। वजह यह है कि गांव में कोरोना की दूसरी लहर में भी अब तक एक भी संक्रमित मरीज नही मिला है, जिसे गांव के लोग खेड़ापति हनुमान की कृपा मानते हैं। जिला मुख्यालय से करीब 8 किमी दूरी पर बसे ग्राम दिल्लोद नागपुर टेकरी में रहने वाले सभी ग्रामीण कोरोना की पहली लहर के बाद दूसरी लहर में भी पूरी तरह से मेहफूज हैं। गांव के लोग स्वस्थ्य हैं और उनका मानना है कि हनुमानजी की कृपा से उनके क्षेत्र में महामारी की दस्तक नही हो सकी है। गांव के श्यामसिंह सेंधव, कुमेरसिंह, विजेंद्रसिंह ने बताया कि कोरोना से बचने के लिए ग्रामीण खेड़ापति हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना कर रहे हैं, जिसके चलते पांच दिवसीय यज्ञ का आयोजन भी मंदिर परिसर में किया गया। इस यज्ञ में गांव के प्रत्येक घर से पांच लोग प्रतिदिन शामिल हो रहे हैं। यज्ञ में शामिल होने से पहले गांव के लोग अपना मुंडन कराते हैं। इसके बाद गोमूत्र और गोबर से स्वयं का शुद्धिकरण कर हवन में आहुतियां डाल रहे हैं।
आसपास के गांव में फैल रहा कोरोना
दिल्लोद नागटेकरी के आसपास के गांवों में कोरोना फेल चुका है, लेकिन टेकरी के लोग इस महामारी से पूरी तरह सुरक्षित हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कोरोना की पहली लहर में भी गांव के लोग पूरी तरह से सुरक्षित थे और अब जबकि
दूसरी लहर ने गांव-गांव में तबाही मचा रखी है तो तब भी खेड़ापति सरकार की कृपा से गांव के लोग स्वस्थ्य हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब भी कोई संकट आता है तो वे खेड़ापति हनुमानजी की शरण में चले जाते हैं जिसकी वजह से संकट खत्म हो जाता है। कोरोना महामारी के बीच इस वर्ष भी उन्होने यही किया है। मंदिर परिसर में हवन के साथ अखंड रामायण का पाठ भी किया जा रहा है।

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